
वडोदरा मंडल रेल प्रबंधक राजू भडके के कुशल मार्गदर्शन में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इंजीनियरिंग और यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है, जो भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) श्री सुमित ठाकुर ने इस विकास यात्रा की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडल के पांच प्रमुख स्टेशनों-उत्राण, कोसंबा, डेरोल, डाकोर और करमसद का उद्घाटन कर इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है। इन स्टेशनों को अब अत्याधुनिक प्रवेश द्वार, हाई मास्ट लाइटिंग, सुविधायुक्त वेटिंग रूम और विशेष रूप से दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं से सुसज्जित कर वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। विकास की इसी कड़ी में प्रतापनगर और गोधरा स्टेशनों पर भी उन्नयन का कार्य तीव्र गति से जारी है।
रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वडोदरा मंडल ने इस दौरान 5 रोड ओवर ब्रिज और 3 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण कर जोखिम भरे लेवल क्रॉसिंग को पूरी तरह समाप्त करने में सफलता प्राप्त की है। ट्रैक और ब्रिज रखरखाव के मोर्चे पर मंडल ने अपनी दक्षता का परिचय देते हुए 169 यूनिट ट्रैक नवीनीकरण और 15 पुलों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया है। तकनीकी सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 972 टर्नआउट का मानकीकरण किया गया, जिससे ट्रैक की गुणवत्ता में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। इन प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम रेल संचालन के दौरान लगने वाले झटकों में आई 93 प्रतिशत से अधिक की भारी कमी के रूप में सामने आया है, जिससे यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और आरामदायक हो गया है।
यात्री सुविधाओं के व्यापक विस्तार की कड़ी में डेरोल स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज तैयार किया गया है, जबकि 8 अन्य स्टेशनों पर इसी प्रकार के निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। इसके अतिरिक्त मंडल ने 20 प्लेटफार्मों का विस्तार किया, 9 स्टेशनों पर कवर शेड का निर्माण कराया और 47 स्टेशनों को दिव्यांगजनों के लिए पूरी तरह सुगम बनाकर समावेशी विकास को नई ऊंचाई दी है। रेल बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कर्मचारियों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए 104 नए आवासों का निर्माण भी किया गया है। वडोदरा मंडल द्वारा किए गए ये समग्र सुधार न केवल रेल संचालन की दक्षता को बढ़ाते हैं, बल्कि भविष्य की आधुनिक और सुरक्षित रेल यात्रा की एक सशक्त नींव भी रखते हैं।
