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'अर्नब के खिलाफ आरोप साबित नहीं : सुप्रीम कोर्ट'

: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि 2 साल पुराने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पत्रकार अर्नब गोस्वामी और 2 अन्य को दी गई अंतरिम जमानत तब तक जारी रहेगी जब तक बॉम्बे हाईकोर्ट याचिका का निपटारा नहीं कर देती और साथ

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि 2 साल पुराने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पत्रकार अर्नब गोस्वामी और 2 अन्य को दी गई अंतरिम जमानत तब तक जारी रहेगी जब तक बॉम्बे हाईकोर्ट याचिका का निपटारा नहीं कर देती और साथ ही कहा कि न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपराधिक कानून नागरिकों का चुनिंदा तरीके से उत्पीडऩ करने के लिए हथियार न बनें। पीठ ने कहा कि अर्नब के खिलाफ अभी तक आरोप साबित नहीं हुए हैं।

पीठ ने इस मामले में टी.वी. पत्रकार और 2 अन्य को राहत देने के कारणों पर प्रकाश डाला। पीठ ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दायर याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसला करने के दिन से 4 सप्ताह बाद तक पत्रकार अर्नब गोस्वामी की अंतरिम जमानत कायम रहेगी।

पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, निचली अदालतों को राज्य द्वारा आपराधिक कानून के दुरुपयोग के प्रति सतर्क रहना चाहिए। पीठ ने कहा कि उन नागरिकों के लिए इस अदालत के दरवाजें बंद नहीं किए जा सकते, जिन्होंने प्रथम दृष्टया यह दिखाया है कि राज्य ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया। साथ ही कहा कि एक दिन के लिए भी किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता छीनना गलत है।

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