Wednesday, 20 Jan, 1.28 am पंजाब केसरी

सिरसा
रणजीत चौटाला का बड़ा दावा- हरियाणा में चुनाव हो जाएं तो 15 फीसदी विधायक दोबारा नहीं जीत पाएंगे

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा के बिजली व जेल मंत्री रंजीत सिंह चौटाला ने पंजाब केसरी से बातचीत के दौरान कहा कि आज अगर विधानसभा भंग होती है तो जितने भी विधायक हैं, उनमें से 15 फीसदी भी दोबारा जीत हासिल नहीं कर सकते। रंजीत चौटाला ने कहा कि सभी को एक 1 साल हुआ है और सभी 5 साल सरकार को चलाना चाहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री व उनकी टीम बहुत अच्छा काम कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के बारे में चौटाला ने कहा, 'हुड्डा साहब मेरे दोस्त हैं, क्लास फेलो हैं, साथी हैं और विपक्ष में रहकर उन्हें यह बातें करनी भी चाहिए। मैं नहीं समझता कि सरकार गिरने जैसी कोई बात होने वाली है। हुड्डा साहब ने तो बरोदा के परिणाम के एक महीने बाद सरकार गिरने का दावा किया था। आज 3 महीने बरोदा परिणाम को हो चुके हैं। मेरा मानना है कि सरकार मजबूत है 5 सालों के लिए लोगों ने सरकार को चुना है।'

मंत्री रंजीत सिं ने कहा, 'जो विधायक चाहे सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष के वह किस प्रकार से जीत कर आए हैं। आज अगर विधानसभा भंग होती है तो जितने भी विधायक हैं, मैं समझता हूं कि इनमें से 15 फीसदी भी दोबारा जीतकर नहीं आ पाएंगे। सभी को एक 1 साल हुआ है और सभी 5 साल सरकार को चलाना चाहेंगे और मुख्यमंत्री व उनकी टीम बहुत अच्छा काम कर रही है।'

प्रस्तुत है खास बातचीत के प्रमुख अंश-

प्रश्न:-
बिजली विभाग सदा से घाटे का सौदा रहा है, आज की स्थिति क्या है ?
उत्तर:- जब सत्ता परिवर्तन हुआ, माननीय मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री बने, उस समय 30000 करोड़ का घाटा विभाग को था। लेकिन आज 500 करोड़ के मुनाफे में है। आज पूरे देश में एकमात्र हरियाणा रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन प्रदेश है। पूरी तरह से एक इलेक्ट्रीफाइड है। हरियाणा के 68 सौ गांवों में से 51 सौ गांवों में हम 24 घंटे बिजली दे रहे हैं। यह भी पूरे देश में सिर्फ हरियाणा ही कर रहा है। टोटल प्रोडक्शन 12000 मेगावाट है यह साल कोरोना कॉल के कारण इंडस्ट्री बंद थी लेकिन पिछले साल भी हमारी टोटल कंजर्वेशन 11000 थी। यानी 1000 मेगावाट हमारे पास ज्यादा था। इसलिए हम कह सकते हैं कि विभाग में बहुत ज्यादा सुधार हुआ है।

प्रश्न:- इतना सुधार आप कैसे कर पाए ?
उत्तर:- मैंने बहुत से गांवों में बिजली पंचायतें की, क्योंकि 12 महीने किसी को उधार नहीं दे सकते। मैंने लोगों को समझाया मैं किसान का बेटा हूं, 24 घंटे बिजली दूंगा। जितने ट्रांसफार्मर, जितने पोल, जितने लाइने चाहिए वह मैं दूंगा। इससे हमारी एरिया रिकवरी में काफी बढ़ोत्तरी हुई। कोरोना काल में हर इंडस्ट्री, उद्योग धंधे, पेट्रोल पंप, स्कूल, प्राइवेट इंस्टिट्यूशन, विश्व महामारी के कारण अस्त-व्यस्त थे, घाटे में थे, बंद पड़े थे। लेकिन उसके बावजूद बिजली विभाग प्रॉफिट में रहा हमारे 220 केवी, 32 केवी और 11 केवी के पावर हाउस बन रहे हैं। अगले एक डेढ़ साल में पूरे प्रदेश के हर गांव में हम 24 घंटे बिजली देने में कामयाबी हासिल कर लेंगे।

प्रश्न:- पानीपत थर्मल प्लांट जैसे कई थर्मल प्लांटों में अधिकतर यूनिटें बंद पड़ी हैं तो किस प्रकार से बिजली आपूर्ति की जा रही है ?
उत्तर:- थर्मल की बिजली थोड़ी महंगी पड़ती है। हमें वैसे 3.30 रुपये या 3.40 पैसे में बिजली मिल जाती है क्योंकि थर्मल का प्रोसेस काफी लंबा है। एक बार चलाने के बाद काफी समय तक चलाना पड़ता है। जब भी हमें थर्मल चलाने की जरूरत लगती है हम उसे चला कर भी बिजली पैदा कर लेते हैं।

प्रश्न:- मिस्ड कॉल और प्रीपेड योजना के बारे में कुछ बताएं ?
उत्तर:- जो नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, उससे हम लोगों को प्रीपेड की सुविधा देंगे। यह एक नई टेक्नोलॉजी है। जिसमें पूरी तरह से ट्रांसपेरेंसी रहेगी। कनेक्शन सभी आधार कार्ड और फोन नंबर से जुड़े होंगे। जिससे मिस्ड कॉल करने से तुरंत कंजूमर का बिल फोन पर आ जाएगा और वह नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके वह अदा कर पाएगा।

प्रश्न:- प्रीपेड मीटर का पायलट प्रोजेक्ट को कितना कामयाब मानते हैं और कब तक हरियाणा में लागू होगा ?
उत्तर:- इस वक्त गुडग़ांव, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत और पंचकूला यह पांच शहर हमने इस प्रोजेक्ट में ले रखे हैं। 10 लाख मीटर का आर्डर हमने दिया था, जो कि मिल चुके हैं। जिसमें से करीब पौने दो लाख मीटर हम लगा भी चुके हैं। जब बाकी के मीटर लग जाएंगे तो हमारी 20 लाख और मीटर मंगवा कर पूरे हरियाणा में करीब 3 से 4 सालों में इन्हें लगवाने की योजना है। इनका बहुत अच्छा रिजल्ट मिल रहा है। इसमें चोरी की गुंजाइश बिल्कुल नहीं होगी।

प्रश्न:- कोरोना को लेकर लगातार कैदियों को पैरोल दी जा रही थी। कितने कैदी अभी बाहर हैं कब तक वापस आएंगे ?
उत्तर:- सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन से हमारी हाईकोर्ट के जस्टिस माननीय राजीव शर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी जिसमें स्टेट सेक्रेटरी और हरियाणा डीजीपी सदस्य हैं। इस कमेटी द्वारा लोकल सेशन जजों से कैदी के चाल चलन और उसकी सजा इनफार्मेशन लेकर पैरोल दी गई थी। करीब 4500 कैदी अभी ऐसे हैं जिसमें कमेटी द्वारा मीटिंग करके 15 फरवरी तक दोबारा इसे एक्सटेंड करने का फैसला किया गया है।

प्रश्न:- हुड्डा, शैलजा, सुरजेवाला और अभय सिंह चौटाला सभी के सभी कृषि कानूनों के कारण सरकार गिरने का दावा कर रहे हैं ?
उत्तर:- इसका पैरामीटर विधानसभा होती है। जहां सरकार के खिलाफ कुछ किया जा सकता है, लेकिन वहां से यह वाक आउट कर जाते हैं। अब यह कह रहे हैं कि सरकार लडख़ड़ा रही है। मुझे यह नहीं पता कि उनके पास कौनसा पैरामीटर है। जिससे यह माप रहे हैं। मेरा मानना है कि है सभी वरिष्ठ नेता है। कई-कई बार चुनाव जीत कर आए हैं। इन्हें अपने कद के हिसाब से जिम्मेदारी भरी बात करनी चाहिए। कच्ची बातें करना अच्छी बात नहीं है।

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