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Aaj Ka Panchang 30 April 2026: वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि, जानें-शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Aaj Ka Panchang 30 April 2026: वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि, जानें-शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Punjabkesari.com 2 weeks ago

Aaj Ka Panchang 30 April 2026: 30 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि का संयोग बन रहा है, जो विशेष रूप से पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ मानी जाती है।

दिन के अंत में पूर्णिमा तिथि का आरंभ भी होगा, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। साथ ही चंद्रमा का कन्या राशि में गोचर कई राशियों के जीवन में व्यावहारिकता और संतुलन का संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं 30 अप्रैल 2026 का विस्तृत पंचांग।

आज का पंचांग - Aaj Ka Panchang 30 April 2026

संवत और मास

इस दिन विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी रहेगा, जबकि शक संवत 1948 पराभव चल रहा है। मास की दृष्टि से यह वैशाख माह है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। यह माह पूर्णिमांत और अमांत दोनों परंपराओं में समान रूप से महत्वपूर्ण है।

तिथि

वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस दिन रात 09 बजकर 12 मिनट तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि का आरंभ हो जाएगा। चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की उपासना और व्रत के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है, वहीं पूर्णिमा का आगमन आध्यात्मिक ऊर्जा को और प्रबल करता है।

नक्षत्र

इस दिन चित्रा नक्षत्र का संयोग रहेगा, जो अगले दिन यानी 1 मई को तड़के 02 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। चित्रा नक्षत्र को सृजन, सौंदर्य और रचनात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों में नवीनता और आकर्षण देखने को मिलता है।

योग

30 अप्रैल को वज्र योग का निर्माण हो रहा है, जो रात 08 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। वज्र योग को सामान्यतः कठोर और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों में सावधानी बरतना उचित रहता है। हालांकि, धैर्य और संयम से काम लेने पर सकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं।

सूर्य और चंद्रमा का समय

इस दिन सूर्योदय सुबह 05:41 बजे और सूर्यास्त शाम 06:56 बजे होगा। चंद्रमा का उदय शाम 05:56 बजे और चंद्रास्त अगले दिन यानी 1 मई को सुबह 04:59 बजे होगा। चंद्रमा का कन्या राशि में गोचर जीवन के व्यावहारिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देता है।

अशुभ काल

दिन के दौरान कुछ समय ऐसे होते हैं, जिनमें शुभ कार्य करने से बचना चाहिए:

राहुकाल दोपहर 01:58 बजे से 03:37 बजे तक रहेगा।
यमगण्ड काल सुबह 05:41 बजे से 07:21 बजे तक रहेगा।
गुलिक काल सुबह 09:00 बजे से 10:39 बजे तक रहेगा।

इन समयों में नए कार्यों की शुरुआत टालना बेहतर माना जाता है।

शुभ काल

दिन की शुरुआत का सबसे पवित्र समय ब्रह्म मुहूर्त होता है, जो इस दिन सुबह 04:17 बजे से 05:01 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:52 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ किया जा सकता है।

विशेष शुभ योग

30 अप्रैल को रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो सुबह 05:41 बजे से शुरू होकर 1 मई को तड़के 02:16 बजे तक रहेगा। यह योग सभी प्रकार के दोषों को समाप्त करने वाला और सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में बाधाएं कम आती हैं और सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

धार्मिक महत्व

वैशाख शुक्ल चतुर्दशी और पूर्णिमा का संयोग इस दिन को अत्यंत पवित्र बनाता है। इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर, दान-पुण्य कर और गंगा स्नान करके पुण्य की प्राप्ति करते हैं।

Aaj Ka Panchang 30 April 2026: 30 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद अनुकूल है। हालांकि वज्र योग के कारण कुछ कार्यों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन रवि योग और अभिजित मुहूर्त जैसे शुभ समय इस दिन को संतुलित और फलदायी बनाते हैं। सही समय और विधि का पालन करते हुए किए गए कार्य निश्चित रूप से सफलता दिला सकते हैं।

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