Azamgarh CM Model Schools: आजमगढ़ जिले के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने जिले में दो सीएम मॉडल स्कूल बनाने के लिए कुल 22 करोड़ 46 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। इन स्कूलों का निर्माण मॉडर्न सुविधाओं के साथ किया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी प्राइवेट स्कूलों जैसी शिक्षा मिल सके।
इन दोनों स्कूलों के बनने से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को एक ही परिसर में बेहतर शिक्षा, खेलकूद और मॉडर्न संसाधनों का लाभ मिलेगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पहला सीएम मॉडल स्कूल मिर्जापुर ब्लॉक के असगड़ा मुस्तफाबाद में बनाया जा रहा है। इसके लिए सरकार पहले ही 11 करोड़ 23 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर चुकी है। इस राशि से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। स्कूल का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से कराया जा रहा है और तय समय के अंदर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जहानागंज के सेमा में बनेगा दूसरा स्कूल
वहीं जिले का दूसरा सीएम मॉडल स्कूल जहानागंज ब्लॉक के सेमा गांव में बनाया जाएगा। इसके लिए भी सरकार ने 11 करोड़ 23 लाख रुपये मंजूर कर दिए हैं। जल्द ही यहां भी निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। दोनों स्कूल बनने के बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के बच्चों को मॉडर्न एजुकेशन का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
इन सीएम मॉडल स्कूलों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां प्री-प्राइमरी (नर्सरी) से लेकर इंटरमीडिएट (12वीं) तक की पढ़ाई एक ही परिसर में होगी। इससे बच्चों को अलग-अलग स्कूल बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। यानी बच्चों को फ्री और अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
मॉडर्न सुविधाओं से होंगे लैस स्कूल
बता दें कि दोनों सीएम मॉडल स्कूल करीब पांच एकड़ भूमि में बनाए जा रहे हैं। इन्हें मॉडर्न टेक्नॉलजी और नई शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा। स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, साइंस लैब, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे छात्रों को टेक्नॉलजी के जरिए से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और उनकी सीखने की स्किल भी बेहतर होगी।
पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए स्कूल परिसर में बड़ा खेल मैदान और मल्टीपर्पस हॉल बनाया जाएगा, जहां अलग- अलग शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके।
साल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने दोनों सीएम मॉडल स्कूलों का निर्माण साल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों के अनुसार पहली किस्त जारी होने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और बाकी कार्य भी स्टेप- बाय- स्टेप तरीके से पूरा किया जाएगा।
इन स्कूलों के शुरू होने के बाद आजमगढ़ के छात्रों को एक ही परिसर में मॉडर्न एजुकेशन, खेलकूद, डिजिटल सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। इससे सरकारी एजुकेशन सिस्टम को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी क्वालिटी बेस्ड शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
