नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर तक भारत के आधिकारिक दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि 3 सितंबर को होने वाली बैठक में बार्ट डी वेवर और पीएम मोदी द्विपक्षीय संबंधों के पूरे आयाम के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बार्ट डी वेवर भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के संदर्भ में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक बिजनेस कार्यक्रम में मुख्य भाषण भी देंगे।
पिछले साल फरवरी में पदभार ग्रहण करने के बाद यह बार्ट डी वेवर की पहली भारत यात्रा होगी। बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे।
नई दिल्ली में अपने कार्यक्रम समाप्त करने के बाद बार्ट डी वेवर मुंबई जाएंगे, जहां वह हीरा, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने बताया, “यह यात्रा भारत-बेल्जियम साझेदारी को और मजबूत करने और व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों सहित आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ भारत-यूरोपीय संघ और भारत-यूरोप संबंधों को और गहरा करने का अवसर प्रदान करेगी।”
पिछले महीने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके बेल्जियम समकक्ष मैक्सिम प्रीवोट ने ब्रसेल्स में मुलाकात की थी और राजनीतिक, आर्थिक, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की थी।
दोनों मंत्रियों ने पश्चिम एशिया सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। यह चर्चा 15 जुलाई को ब्रसेल्स में उद्घाटन भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता के दौरान हुई थी।
बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया था, “आज ब्रसेल्स में उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट के साथ उद्घाटन भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। हाल के वर्षों में हमारी साझेदारी में महत्वपूर्ण गहराई आई है। आज की चर्चा भारत के बेल्जियम और यूरोपीय संघ के साथ संबंधों की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।”
उन्होंने कहा, “राजनीतिक, आर्थिक, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों सहित हमारे सहयोग की समीक्षा की। बंदरगाहों, समुद्री, सेमीकंडक्टर्स में अवसरों के साथ-साथ सप्लाई चेन से संबंधित खतरों को कम करने के लिए व्यापक सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया। पश्चिम एशिया सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर उपयोगी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।”
बेल्जियम उन पहले यूरोपीय देशों में से एक था, जिसने सितंबर 1947 में स्वतंत्र भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। ब्रसेल्स में भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत और बेल्जियम के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध साझा मूल्यों में निहित हैं, जिसमें कानून के शासन, संघवाद और बहुलवाद के प्रति प्रतिबद्धता शामिल है। बेल्जियम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन करता है।
–आईएएनएस
केके/वीसी
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