नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और कोस्टा रिका बिजनेस-टू-बिजनेस संबंधों को मजबूत करने, संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने, संबंधित मंत्रालयों, रेगुलेटरी अथॉरिटीज और इंडस्ट्री के बीच नियमित बातचीत को प्रमोट करने पर सहमत हुए हैं।
दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, व्यापार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ‘भारत-कोस्टा रिका संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति’ (जेईटीसीओ) का एक मुख्य मंच के तौर पर इस्तेमाल करने पर सहमति जताई।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जेईटीसीओ की पहली बैठक वर्चुअल तरीके से हुई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव विमल आनंद और कोस्टा रिका गणराज्य की विदेश व्यापार महानिदेशक एड्रियाना कास्त्रो ने की।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों की समीक्षा की और अपने-अपने व्यापार और निवेश नियमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
उन्होंने 2025-26 में दोनों देशों के बीच सामान के व्यापार में लगातार बढ़ोतरी होकर इसके लगभग 391 मिलियन डॉलर तक पहुंचने पर संतोष जताया। इस दौरान उन्होंने व्यापार और निवेश को और बढ़ाने के मौकों पर भी चर्चा की।
दोनों पक्षों ने अपने-अपने मानक, मान्यता, प्रमाणन और नियामक ढांचे के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान किया। साथ ही, व्यापार को आसान बनाने और तकनीकी बाधाओं को कम करने के लिए स्टैंडर्ड डेवलपमेंट, कन्फॉर्मिटी असेसमेंट, फूड सेफ्टी, फार्मास्युटिकल रेगुलेशन और एक्सपोर्ट सर्टिफिकेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया।
भारत और कोस्टा रिका के बीच आर्थिक सहयोग पर हुए समझौते (एमओयू) के तहत गठित जेईटीसीओ, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों की समीक्षा करने, आपसी हित के मुद्दों को सुलझाने और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए मुख्य संस्थागत तंत्र के रूप में काम करता है।
–आईएएनएस
एबीएस
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

