वॉशिंगटन, 27 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने चीन के साथ संबंधों को नए सिरे से संतुलित किया है और सैन्य विस्तार, व्यापारिक दबाव तथा ऊर्जा उत्पादन बढ़ाकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की स्थिति मजबूत की है।
व्हाइट हाउस में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी हालिया मुलाकात "बेहद शानदार" रही और अब चीन अमेरिका को पहले की सरकारों की तुलना में अलग नजरिए से देख रहा है।
ट्रंप ने कहा, "हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। हम अब चीन के साथ काफी कारोबार कर रहे हैं, लेकिन अब स्थिति वैसी नहीं है जैसी पहले थी, जब वे वर्षों तक हमारा फायदा उठाते रहे।"
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा लगाए गए टैरिफ और आर्थिक नीतियों ने चीन को अमेरिका के साथ अधिक संतुलित व्यापारिक संबंध अपनाने के लिए मजबूर किया है।
ट्रंप ने कहा, "अब चीन के साथ हमारा व्यापार काफी लाभदायक है और वे फिर से हमारे देश का सम्मान करते हैं।"
राष्ट्रपति ने अपनी आर्थिक रणनीति को हिंद-प्रशांत क्षेत्र और अन्य इलाकों में अमेरिका की सैन्य और भू-राजनीतिक रणनीति से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि रक्षा खर्च बढ़ाना और सेना का आधुनिकीकरण अमेरिका के वैश्विक प्रभाव को बहाल करने का अहम हिस्सा है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ ने कहा कि सरकार ड्रोन, मिसाइल रक्षा प्रणाली और उन्नत लड़ाकू विमानों के उत्पादन जैसे नए सैन्य सिस्टम पर भारी निवेश कर रही है।
हेगसेथ ने कहा, "हम ड्रोन तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करेंगे।" उन्होंने ट्रंप की प्रस्तावित 1.5 ट्रिलियन डॉलर की रक्षा बजट योजना की भी सराहना की।
उन्होंने बताया कि लगातार दूसरे वर्ष सेना में भर्ती दर ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची है और निजी रक्षा कंपनियां सरकार की नीतियों के कारण नए उत्पादन केंद्रों में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने कहा कि ईरान और वैश्विक ऊर्जा बाजारों को लेकर तनाव के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था "मजबूत, सुरक्षित और लचीली" बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में व्यापारिक निवेश तेजी से बढ़ा है और फैक्ट्री निर्माण, विनिर्माण नौकरियों तथा पूंजीगत खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ट्रंप ने अपनी "ऊर्जा प्रभुत्व रणनीति" का भी उल्लेख करते हुए कहा कि तेल और गैस उत्पादन बढ़ने से वैश्विक राजनीति में अमेरिका की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अब "रूस और सऊदी अरब दोनों को मिलाकर भी अधिक तेल उत्पादन" कर रहा है।
–आईएएनएस
डीएससी
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

