Delhi : राजधानी में बच्चियों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने की दिशा में दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। बाल सुरक्षा माह-2026 के तहत सोमवार को दिल्ली पुलिस की सेल्फ डिफेंस विंग ने शहर के 13 अलग-अलग स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए।
इन कार्यक्रमों में करीब 7,000 छात्राओं और छात्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया और आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सीखे।
यह अभियान दिल्ली उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों तथा पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा के नेतृत्व में चलाए जा रहे चाइल्ड सेफ्टी मंथ का हिस्सा है। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली पुलिस के प्रशिक्षित सेल्फ डिफेंस ट्रेनर्स ने छात्रों को आपात स्थिति में खुद की सुरक्षा करने के तरीके, खतरे को पहचानने, आत्मविश्वास बढ़ाने और मुश्किल परिस्थितियों में सही निर्णय लेने के बारे में जानकारी दी।
बच्चों की सुरक्षा और जागरुकता को लेकर कार्यक्रम
डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि दिल्ली पुलिस बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है। आने वाले दिनों में भी राजधानी के विभिन्न स्कूलों में आत्मरक्षा और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक बच्चे खुद को सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षित हो सकें।
प्रशिक्षकों ने छात्राओं को बताया कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में घबराने के बजाय सतर्क रहना और सही समय पर आत्मरक्षा के सरल तरीकों का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान कई व्यावहारिक अभ्यास भी कराए गए, जिनमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

