गया जी, 4 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, वैज्ञानिक जांच, निगरानी और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
बोधगया में आयोजित नए आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के एकीकृत कार्यान्वयन पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की लगभग 14 करोड़ आबादी को समयबद्ध और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान हमेशा ‘न्याय के साथ विकास’ की रही है और नए कानूनों का जनहितकारी क्रियान्वयन इस संकल्प को और मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय तभी सार्थक होगा, जब आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा। इसके लिए न्यायपालिका, पुलिस और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार और न्यायपालिका के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित हों, ताकि जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार थानों को सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और आधुनिक वैज्ञानिक जांच संसाधनों से लैस कर रही है। फॉरेंसिक लैब, मोबाइल फॉरेंसिक वैन और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की व्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा रहा है, जिससे मामलों का तेजी से निष्पादन संभव होगा। उन्होंने बताया कि 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से पुलिस औसतन 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है और इसे घटाकर सात से आठ मिनट करने का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाता है। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय से कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर लगाया जाएगा, जहां उन लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी, जो प्रखंड स्तर पर हुए निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और तकनीक आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकार हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। कानून के राज को सुदृढ़ करने के लिए किया गया निवेश आने वाले वर्षों में राज्य के सुशासन और विकास की मजबूत नींव बनेगा। सम्मेलन को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय, बिहार न्यायिक अकादमी के चेयरमैन न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, एडवोकेट जनरल सत्यदर्शी संजय, बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्दर तथा गृह सचिव कुंदन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संबोधित किया।
–आईएएनएस
एमएनपी/डीएससी
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