रांची, 6 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 103 पदों के लिए 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, लेकिन आयोग ने कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि परिणाम आयोग के तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना जारी किया गया। ऐसे में मेरिट सूची और चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होने से पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। उनके अनुसार, यह महज प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि प्रतियोगी छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है।
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि ओएमआर शीट के मूल्यांकन में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों के प्राप्तांक को लेकर ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनपर परीक्षा विशेषज्ञ भी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाएं लगातार विवादों में रही हैं। कभी मॉडल उत्तर पर सवाल उठते हैं, कभी कटऑफ जारी नहीं किया जाता और कभी परिणाम प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़े हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे युवाओं में आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
भाजपा ने राज्य सरकार से 14वीं सिविल सेवा पीटी परीक्षा का परिणाम रद्द कर सीबीआई जांच की अनुशंसा करने, हाल के सभी विवादित परीक्षा परिणामों की जांच कराने, कटऑफ, मेरिट निर्धारण और मूल्यांकन प्रक्रिया को सार्वजनिक करने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रतुल शाहदेव ने प्रतियोगी छात्रों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर छात्रों के साथ खड़ी है।
–आईएएनएस
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