Shoe Rack Vastu: जब हम नया घर बनाते हैं या पुराने घर को सजाते हैं, तो हमारा पूरा ध्यान पूजा घर कहां होगा, रसोई किस कोने में बनेगी या बेडरूम की दिशा क्या होगी, इन्हीं सब चीजों पर होता है।
हम सब कुछ वास्तु के नियमों के अनुसार ही रखते हैं। इन्हीं में से एक है जूते-चप्पल रखने का स्थान। जूते बाहर की धूल और गंदगी के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा भी लेकर आते हैं। अगर शू रैक सही जगह न हो, तो घर में तनाव बढ़ सकता है, वहीं सही दिशा में रखा गया शू रैक घर की खुशहाली को बनाए रखने में मदद करता है।
Jute Chappal Rakhne Ki Jagah: शू रैक के लिए सबसे अच्छी दिशा
Shoe Rack Vastu (Source: Social Media)वास्तु के नियमों के मुताबिक, घर की दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा जूते-चप्पल रखने के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। इन दिशाओं में शू रैक रखने से घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश कम होता है और मानसिक शांति बनी रहती है। यदि आपके घर में इन दिशाओं में जगह की कमी है, तो आप दक्षिण दिशा भी चुन सकते हैं। इन कोनों को जूते जैसी वस्तुओं के लिए उपयुक्त माना गया है ताकि घर के बाकी हिस्सों की पवित्रता बनी रहे।
Entrance Vastu Tips: घर के मेन गेट पर न रखें शू रैक
अक्सर लोग अपनी सुविधा के लिए घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने जूते उतार देते हैं या वहीं शू रैक लगा देते हैं। वास्तु के अनुसार यह एक बड़ी गलती है। मुख्य दरवाजा वह स्थान है जहां से घर में लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। यदि वहां जूते-चप्पल का ढेर होगा, तो शुभ ऊर्जा अंदर नहीं आ पाएगी। अगर आपको दरवाजे के पास ही रैक रखना है, तो उसे बीच में रखने के बजाय किसी एक साइड में रखें ताकि रास्ता साफ और सुंदर दिखे।
किस दिशा में न रखें शू रैक?
Shoe Rack Vastu (Source: Social Media)वास्तु शास्त्र में उत्तर और पूर्व दिशाओं को देवताओं और सकारात्मक ऊर्जा की दिशा माना जाता है। यहां तक कि ईशान कोण को सबसे पवित्र माना गया है। भूलकर भी इन दिशाओं में जूते-चप्पल या शू रैक नहीं रखना चाहिए। इन पवित्र कोनों में गंदगी या जूते रखने से घर की आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है, करियर में बाधाएं आ सकती हैं और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
Shoe Rack Vastu: कैसी अलमारी में जूते-चप्पल रखना है सही?
वास्तु के अनुसार, जूतों को खुला रखना अच्छा नहीं माना जाता। बेहतर होगा कि आप एक बंद होने वाला शू रैक इस्तेमाल करें। इससे जूते बाहर से दिखाई नहीं देते, जिससे घर न केवल साफ दिखता है बल्कि वहां की ऊर्जा भी शुद्ध बनी रहती है। जो जूते-चप्पल टूट चुके हैं या अब इस्तेमाल में नहीं आते, उन्हें तुरंत घर से बाहर कर दें। पुराने और फटे जूते घर में दरिद्रता और दुर्भाग्य लाते है।
इन बातों का रखें ध्यान
हिंदू धर्म और वास्तु दोनों में स्वच्छता को ही ईश्वर का वास माना गया है। शू रैक के आसपास कभी भी धूल-मिट्टी जमा न होने दें। यदि जूते इधर-उधर बिखरे रहेंगे, तो यह आपके मन और विचारों में भी उलझन पैदा करेगा। अपने जूतों को हमेशा सलीके से एक तय जगह पर रखें।

