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पढ़ने की संस्कृति को मिलेगा नया आयाम प्रतिष्ठित लेखक, प्रकाशक, शिक्षाविद, सेलिब्रिटी और प्रमुख शैक्षणिक संस्थान को एक मंच पर लाने की योजना

Punjabkesari.com 1 week ago

Reading Culture Will Get A New Dimension : डिजिटल दौर में घटती पढ़ने की आदत को फिर से जीवंत बनाने और समाज में पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से सीआरसी ग्रुप ने 'लेट्स ब्रिंग बैक द जॉय ऑफ रीडिंग' नाम से एक वैश्विक कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) अभियान शुरू किया है।

इस पहल का लक्ष्य लोगों को दोबारा पुस्तकों से जोड़ना, पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और किताबों को जीवनभर सीखने, रचनात्मक सोच तथा ज्ञान-विकास का सशक्त माध्यम बनाना है। इस वैश्विक अभियान में देश-विदेश के प्रतिष्ठित लेखक, प्रकाशक, शिक्षाविद, सेलिब्रिटी और प्रमुख शैक्षणिक संस्थान सहयोग करेंगे। कंपनी का उद्देश्य पढ़ने की संस्कृति को एक वैश्विक जन-अभियान का स्वरूप देना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान, रचनात्मकता और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ सकें।

वैश्विक स्तर पर शुरू हुआ अभियान

गौरतलब है कि आज जब डिजिटल माध्यमों ने जानकारी प्राप्त करने और सीखने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला दिया है, ऐसे समय में यह पहल पुस्तकों के स्थायी महत्व को रेखांकित करती है। अभियान में बच्चों पर विशेष फोकस रखा गया है, लेकिन इसे इस तरह तैयार किया गया है कि छात्र, शिक्षक, अभिभावक, पेशेवर और समाज का हर वर्ग इससे जुड़ सके तथा पढ़ने को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बना सके।

हर वर्ग को जोड़ने पर फोकस

अभियान का शुभारंभ प्रसिद्ध अभिनेत्री, लेखिका, उद्यमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता गुल पनाग की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर शिक्षा जगत के विशेषज्ञों, लेखकों, प्रकाशन उद्योग से जुड़े पेशेवरों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विचारकों ने भाग लिया और पढ़ने की संस्कृति को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए। सीआरसी ग्रुप के फाउंडर एवं सीईओ कुणाल भल्ला ने कहा कि वास्तविक विकास केवल भौतिक ढांचे के निर्माण से नहीं होता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाले अवसरों के सृजन से होता है। उन्होंने कहा, "'लेट्स ब्रिंग बैक द जॉय ऑफ रीडिंग' हमारी ऐसी पहल है, जिसके माध्यम से हम लोगों को फिर से पुस्तकों से जोड़ना, उनकी जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना और सीखने को जीवनभर की प्रक्रिया के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। हमें विश्वास है कि आने वाले समय में यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेगा और नई पीढ़ी को नए विचारों, नई सोच तथा असीम संभावनाओं से परिचित कराएगा।

पढ़ने की आदत पर जोर

सीआरसी ग्रुप के बिजनेस मैनेजमेंट एवं मार्केटिंग डायरेक्टर सलिल कुमार ने कहा कि गहराई से पढ़ने की आदत व्यक्ति की कल्पनाशक्ति, विश्लेषण क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता को विकसित करती है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां पुस्तकें संवाद, रचनात्मकता और आजीवन सीखने की संस्कृति को लगातार मजबूत करती रहें। उनके अनुसार, पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान व्यक्ति की प्राकृतिक बुद्धिमत्ता को सही दिशा देने, आत्मचिंतन की क्षमता बढ़ाने और खुले दृष्टिकोण के साथ व्यवहारिक निर्णय लेने में अहम भूमिका निभाता है।

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