नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल के समय में भारत को लेकर जो टिप्पणी की है, उसने सबका ध्यान खींचा है। हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के दौरे पर पहुंचे थे, जहां उन्हें सर्वोच्च सम्मान मिला।
पीएम मोदी का यह सम्मान पाकिस्तान को हजम नहीं हो रहा था और रक्षा मंत्री ने इसे लेकर सवाल उठाए। सूत्रों के अनुसार, ख्वाजा आसिफ को भारत ने करारा जवाब दिया है।
सरकारी सूत्रों का कहना है, “ख्वाजा आसिफ मानसिक रूप से अस्थिर हैं, यह कोई नई बात नहीं है। उन्हें देश की इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, यह आज के पाकिस्तान की स्थिति के बारे में बहुत कुछ बताता है। साफ है, उनके पास कोई काम नहीं है और वे उन मामलों पर बेवकूफी भरी टिप्पणी करके टाइम पास करते हैं जिनके बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। जलन हमेशा एक बुरी वजह होती है, खासकर ऐसे इंसान से जो नफरत में डूबा हो।”
दरअसल, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में सेशेल्स के दौरे पर गए थे, जहां उन्हें ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इस बीच सेशेल्स गणराज्य के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर सभी अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया है।
मंत्रालय ने बताया कि सोशल मीडिया पर जो सम्मान पत्र (साइटेशन) वायरल हो रहा है, वह अंतिम नहीं बल्कि शुरुआती ड्राफ्ट था। इसे जल्दबाजी में तैयार किया गया था, इसलिए उसमें टाइपिंग, स्पेलिंग और सील जैसी कुछ गलतियां रह गई थीं। यह दस्तावेज कभी आधिकारिक रूप से मंजूर नहीं किया गया था।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उस ड्राफ्ट पर राष्ट्रपति के असली हस्ताक्षर नहीं थे। उसमें केवल एक अस्थायी (प्लेसहोल्डर) हस्ताक्षर इस्तेमाल किया गया था। यह दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए नहीं था और इसकी जांच की जा रही है कि यह बाहर कैसे आया।
सेशेल्स के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे शुरुआती ड्राफ्ट तैयार करने के लिए डिजिटल डिजाइन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सामान्य प्रक्रिया है। अंतिम दस्तावेज कई स्तरों पर जांच और मंजूरी के बाद ही जारी किया जाता है।
मंत्रालय ने लोगों और मीडिया से अपील की कि वे सिर्फ आधिकारिक तौर पर जारी किए गए अंतिम सम्मान पत्र को ही सही मानें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
–आईएएनएस
केके/पीएम
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