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सहकारिता मंत्रालय के 5 साल पूरे, पीएम मोदी के फैसले से आंदोलन को मिला नया जीवन: अमित शाह

सहकारिता मंत्रालय के 5 साल पूरे, पीएम मोदी के फैसले से आंदोलन को मिला नया जीवन: अमित शाह

Punjabkesari.com 2 weeks ago

ई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। सहकारिता मंत्रालय के पांच साल पूरे होने के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

इस खास मौके पर केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों को रेखांकित किया और बताया कि कैसे इसकी शुरुआत हुई?

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ही के दिन केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय को केंद्र सरकार में प्रस्तावित करने का काम किया था। सभी सहकारिता सदस्यों की ओर से प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना चाहूंगा। प्रधानमंत्री के इस फैसले ने सहकारिता आंदोलन को नए चरण में ले जाने का काम किया है। 75 वर्षों में सहकारिता आंदोलन उपेक्षित रहा। इसे हमेशा दोयम दर्जे को जाना गया। लेकिन, प्रधानमंत्री ने इसे एक सदी तक आगे बढ़ाने का काम किया है और उनके एक फैसले से ही करोड़ों लोगों को फायदा पहुंचा है। सहकारिता मंत्रालय ने सहकारिता क्षेत्र को नया प्राण देने का काम किया है।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह के मुताबिक, आज की तारीख में सहकारिता मंत्रालय के पांच साल पूरे हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि हम आपको अपने मंत्रालय की उपलब्धियों से अवगत कराएं। साथ ही, अपनी भावी रोडमैप के बारे में भी बताए। जब केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन किया जा रहा था, तब कई लोग इसका विरोध कर रहे थे। विरोधियों का कहना था कि सहकारिता मंत्रालय राज्य का विषय है, लिहाजा केंद्र सरकार को इसमें दखल नहीं देना चाहिए, लेकिन मैं एक बात कहना चाहता हूं कि आज जब हमारा मंत्रालय पांच साल पूरा कर चुका है तो आज तक किसी भी विरोधी दल ने कोई विरोध नहीं किया। इन पांच साल में सहकारिता मंत्रालय ने यह साबित कर दिया है कि हम राज्य सरकार के काम में दखल देने के लिए नहीं, बल्कि उनकी मदद के लिए हैं।

उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने इन पांच साल में समस्याओं को पहचान कर उसके निदान की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे कामों से प्रदेश के विकास को नई गति मिले। जब कभी सहकारिता आंदोलन का इतिहास लिखा जाएगा, तो उसे स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा। आज हमने कई परियोनजाएं शुरू की हैं, जो पहले पाइपलाइन में थीं। एनडीए की परंपरा रही है कि जब कभी हमें शासन मिला, तो हमने इस देश के दबे कुचले लोगों को बल देने का काम किया। जब अटल जी प्रधानमंत्री बनें, तो उन्होंने जनजातीय मंत्रालय की शुरुआत की। इसी तरह जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने जलशक्ति मंत्रालय की शुरुआत की। इसी तरह मत्स्य मंत्रालय और पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की शुरुआत की। 2021 में सहकारिता मंत्रालय की शुरुआत की गई।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, पूरे देश की पीएसी अब एक ही मॉडल बायलॉज के तहत काम कर रही हैं। 55 हजार पैक्स सीएससी पर 300 से अधिक सेवाएं देकर गांव की गतिविधि का केंद्र बन रहे हैं। बीज उत्पादन के क्षेत्र में हमने जो राष्ट्रीय सहकारी समिति स्थापित की है, वह आने वाले तीन वर्षों में भारत की सबसे बड़ी गैर-सरकारी बीज उत्पादन संस्था बनकर उभरेगी। इसके माध्यम से तीन उद्देश्यों पर कार्य किया जा रहा है: पहला- किसानों को शुद्ध एवं मिलावट-मुक्त बीज उपलब्ध कराना, दूसरा- अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत बीज किस्मों का विकास और वितरण और तीसरा- भारतीय पारंपरिक बीजों का संरक्षण।

इसके अलावा, अमित शाह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर उनके योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तो निश्चित तौर पर इसका श्रेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जाता है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ही दो निशाना और दो विधान के खिलाफ आंदोलन को तेज करने का काम किया था। उन्होंने न महज इसे लेकर आंदोलन को तेज किया था, बल्कि अपने जान तक की भी बाजी लगा दी थी। आज मैं फिर से पीएम मोदी को धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को पूरा करने का काम किया। अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं होते तो असम और पश्चिम बंगाल आज की तारीख में पाकिस्तान का हिस्सा होता। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आंदोलन ने उस वक्त के कांग्रेस को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। आज इसी महान पुरुष का जन्मदिन है। केंद्र सरकार ने आज यह फैसला किया है कि उनका जन्मदिन हर कस्बे तक मनाया जाएगा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ही हमारी पार्टी का बीज डालने का काम किया था। पहले वो जनसंघ के रूप में था, जो कि आज भाजपा के रूप धारण करके देशहित में काम कर रहा है।

–आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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