श्रीनगर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। एक अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर पुलिस ने गुरुवार को शांति और व्यवस्था भंग करने के उद्देश्य से ऑनलाइन अलगाववादी प्रचार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर पुलिस ने सार्वजनिक शांति और राष्ट्रीय अखंडता को भंग करने के उद्देश्य से अलगाववादी प्रचार फैलाने के आरोप में कुछ व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने और भारत की शांति, संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक गैरकानूनी गतिविधियों को भड़काने के इरादे से सामग्री (वीडियो) प्रसारित करने और फैलाने के संबंध में विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर उसने कार्रवाई की है। श्रीनगर पुलिस ने इस मामले में कुछ व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि इस तरह की सामग्री का प्रसार डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से अलगाववादी और विभाजनकारी विचारों को फैलाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।
ऐसी गतिविधियों से जन असंतोष भड़क सकता है, सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है और राष्ट्रीय एकता कमजोर हो सकती है।
बयान में कहा गया कि प्रथम दृष्टया, प्राप्त जानकारी से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152, 196(1) और 353(1)(ख), (ग) और (2) के तहत दंडनीय संज्ञेय अपराधों का पता चलता है। तदनुसार, उपरोक्त धाराओं के तहत साइबर पुलिस स्टेशन श्रीनगर में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच शुरू कर दी गई है। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह की गैरकानूनी सामग्री बनाने, साझा करने या प्रसारित करने से बचें।
बयान में आगे कहा गया कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू और कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवाद के पूरे समर्थन तंत्र को निशाना बनाने के उद्देश्य से आक्रामक आतंकवाद-विरोधी अभियान चला रहे हैं। इसमें आतंकवादियों, उनके सहयोगियों और समर्थकों के खिलाफ अभियान शामिल हैं।
–आईएएनएस
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