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टीवीके के मंत्री ने हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोप को नकारा, डीएमके पर तमिलनाडु में दलबदल शुरू करने का लगाया आरोप

टीवीके के मंत्री ने हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोप को नकारा, डीएमके पर तमिलनाडु में दलबदल शुरू करने का लगाया आरोप

Punjabkesari.com 3 months ago

इरोड, 5 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मंत्री केए सेंगोट्टैयन ने रविवार को विपक्ष के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि टीवीके के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार राजनीतिक हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) में शामिल है।

उन्होंने कहा कि गठबंधन के पास आरामदायक बहुमत है और उसे विरोधी पार्टियों के विधायकों को लुभाने की कोई जरूरत नहीं है।

सेंगोट्टैयन ने दलबदल कराने के लिए भारी रकम के इस्तेमाल के आरोपों का जवाब देते हुए इन दावों को ‘बेबुनियाद’ बताया और कहा कि सरकार स्थिर, पारदर्शी है और उसे जनता का भारी समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने इरोड में पत्रकारों से कहा, “इन आरोपों में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। हमने एक मजबूत और स्थिर सरकार बनाई है, और हमारे गठबंधन सहयोगी अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं। हॉर्स-ट्रेडिंग की कोई जरूरत नहीं है।”

मंत्री की यह टिप्पणी डीएमके द्वारा टीवीके सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम करने, विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने और विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाने के एक दिन बाद आई है।

सेंगोट्टैयन ने सत्ताधारी गठबंधन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि गठबंधन को कांग्रेस, वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का समर्थन मिलना जारी है।

उन्होंने विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए आरोप लगाया कि डीएमके ने ही तमिलनाडु में राजनीतिक दलबदल की शुरुआत की और उसे बढ़ावा दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछली डीएमके सरकारों के दौरान विधायकों (जिनमें पूर्व एआईएडीएमके नेता अनीता आर. राधाकृष्णन भी शामिल थे) को पाला बदलने के लिए मनाया गया था।

उन्होंने कहा, “जिन्होंने कभी सिर्फ 96 विधायकों के साथ अल्पमत की सरकार चलाई थी, उन्हें शायद हॉर्स-ट्रेडिंग की जरूरत पड़ी हो। हमें नहीं बल्कि हमारी सरकार जनता के जनादेश के दम पर बनी है।”

गवर्नर आरएन रवि की हालिया समीक्षा बैठक से जुड़े विवाद पर टिप्पणी करते हुए (जिसे विपक्ष ने संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया था) सेंगोट्टैयन ने विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के कानून मंत्री पहले ही इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष रख चुके हैं।

मंत्री ने करूर भगदड़ विवाद से जुड़ी हालिया टिप्पणियों पर भी सफाई देने की कोशिश की, जिसमें ‘हिसाब-किताब बराबर करने’ जैसी बातों पर विपक्ष ने आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि बयान का गलत मतलब निकाला गया, इसका मकसद सिर्फ प्रभावित परिवारों को यह भरोसा दिलाना था कि सरकार उन्हें न्याय और पूरी कानूनी सुरक्षा देगी।

यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। डीएमके ने कोर्ट से मांग की है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और टीवीके के दूसरे नेताओं को ऐसे बयान देने से रोका जाए, जिन्हें पार्टी ने करूर भगदड़ (जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी) के बारे में ‘झूठा और भड़काऊ’ बताया है।

इससे पहले दिन में सेंगोट्टैयन ने इरोड जिले के करट्टाडीपालयम में एक नई राशन की दुकान का उद्घाटन किया। इसे एमएलए निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष से 16 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। उम्मीद है कि इस सुविधा से इलाके के 710 राशन कार्ड धारकों को फायदा होगा।

मंत्री ने मुख्यमंत्री विजय के कामकाज के तरीके की तारीफ करते हुए कहा कि नया प्रशासन तेजी से फैसले लेने, सचिवालय में रोजाना समीक्षा करने और जनता से सीधे बातचीत करके कामकाज के नए मानक स्थापित कर रहा है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि कल्याणकारी योजनाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

–आईएएनएस

एएसएच/पीएम

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