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पति को गाड़ने वाली कातिल पत्नी जब पहुंची कोर्ट

पति को गाड़ने वाली कातिल पत्नी जब पहुंची कोर्ट

Quick Joins 3 months ago

उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने कानून और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया है। चर्चित सुरेंद्र शर्मा हत्याकांड में शातिर आरोपी पत्नी रूबी का खेल आखिरकार खत्म हो गया है।

करीब 45 दिनों तक अपनी चालाकियों से पुलिस और कानून को गुमराह करने वाली रूबी को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जब पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच रूबी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया, तो वहां का नजारा देखने लायक था। कल तक बेहद शातिराना अंदाज में कत्ल की पटकथा लिखने वाली रूबी का अहंकार कोर्ट की दहलीज पर पूरी तरह टूट चुका था। वह सिर से लेकर पैर तक साड़ी में इस तरह लिपटी हुई थी कि उसे पहचानना भी मुश्किल था। खौफ और पछतावे से उसके कदम डगमगा रहे थे। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस घिनौने अपराध को देखते हुए कोर्ट के किसी भी वकील ने रूबी की पैरवी करने से इनकार कर दिया, जिससे साफ है कि मायके और ससुराल दोनों ही पक्षों ने उससे हमेशा के लिए नाता तोड़ लिया है।

फिल्म 'दृश्यम' की तर्ज पर रची मौत की खौफनाक साजिश

यह रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रेणुका धाम कॉलोनी (प्राची टावर चौकी) की है। यहाँ 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा अपनी पत्नी रूबी, दो बेटियों और अपनी वृद्ध मां के साथ रहते थे। पुलिस की कड़ी पूछताछ में रूबी ने जो खुलासे किए, उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। रूबी ने कबूल किया कि उसने इस पूरे हत्याकांड की योजना मशहूर बॉलीवुड फिल्म 'दृश्यम' को देखकर बनाई थी। उसने सोचा था कि फिल्म के किरदारों की तरह वह भी एक ऐसा परफेक्ट मर्डर करेगी जिसका सुराग पुलिस कभी नहीं ढूंढ पाएगी। इसी अति-आत्मविश्वास में उसने अपने ही सुहाग को मौत के घाट उतारने का फैसला कर लिया।

पति की बेरहमी से हत्या कर बाथरूम में ही बना दी 'कब्र'

इस खौफनाक खेल की शुरुआत बीती 18 मई को हुई। रूबी ने बेहद बेरहमी से अपने पति सुरेंद्र की हत्या कर दी। कत्ल करने के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसने घर के अंदर ही एक ऐसा रास्ता चुना जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। उसने अपने घर के बाथरूम के फर्श को खोदा और सुरेंद्र के शव को वहीं जमीन में दफन कर दिया। किसी को शक न हो, इसलिए उसने तुरंत उस गड्ढे पर मिट्टी डालकर ऊपर से पक्का प्लास्टर करवा दिया। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद वह पूरी तरह सामान्य दिखने का नाटक करने लगी और बेहद शातिराना तरीके से परिवार के बाकी लोगों को गुमराह करने की प्लानिंग में जुट गई।

जेठ को फोन कर चली चाल, ऐसे खुला राज

हत्याकांड के अगले ही दिन यानी 18 मई की सुबह रूबी ने सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल शर्मा को फोन घुमाया। उसने बेहद घबराए हुए लहजे में अनिल से कहा कि घर में पुलिस का कोई पुराना या गंभीर मामला हो गया है, इसलिए वे तुरंत आएं और मां व दोनों बच्चियों को अपने साथ ले जाएं। रूबी ने इतनी चालाकी बरती कि उसने अनिल को घर के अंदर दाखिल होने तक नहीं दिया और बाहर से ही बच्चों को विदा कर दिया। उसने सोचा था कि वह इस राज को हमेशा के लिए दफन कर देगी, लेकिन कानून के हाथ आखिरकार उसकी गर्दन तक पहुंच ही गए। 45 दिनों की कड़ी मशक्कत और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने जब कड़ियों को जोड़ा, तो बाथरूम की खुदाई में सुरेंद्र का कंकाल बरामद हुआ और इस तरह 'दृश्यम' स्टाइल के इस मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश हो गया।

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