Dailyhunt
48 घंटे में उलट गई महाराष्ट्र की सियासत! कहीं BJP-Congress साथ तो कहीं AIMIM का सहारा-हाईकमान में मचा हड़कंप

48 घंटे में उलट गई महाराष्ट्र की सियासत! कहीं BJP-Congress साथ तो कहीं AIMIM का सहारा-हाईकमान में मचा हड़कंप

हाराष्ट्र की सियासत में बीते 48 घंटे में कुछ ऐसा हुआ कि उसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया. हर किसी के जुबां पर बस यही सवाल था कि ऐसा कैसे हो गया. लोगों का ये सवाल भी वाजिब था, क्योंकि घटना भी बड़ी थी.

दरअसल हुआ ये कि यहां के अंबरनाथ और अकोट में धुर विरोधी पार्टियां एक मंच पर आ गईं. इसमें, बीजेपी, कांग्रेस और AIMIM हैं. अंबरनाथ में बीजेपी और कांग्रेस के गठबंधन की बात सामने आई तो अकोट में बीजेपी को AIMIM के 4 पार्षदों के समर्थन की जानकारी आई. इसके बाद तीनों ही पार्टियां बैकफुट पर आ गईं. डैमेज कंट्रोल के लिए टॉप लीडरशिप एक्टिव हुआ. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यहां तक कह दिया कि ये स्वीकार नहीं है. उन्होंने तुरंत गठबंधन से बाहर निकलने का आदेश दिया.

अंबरनाथ में क्या हुआ था?

पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनाव के बाद बीजेपी ने अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना (शिंदे गुट) को किनारे कर अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और अजित पवार की एनसीपी के साथ अंबरनाथ विकास आघाड़ी नामक गठबंधन बनाया. अंबरनाथ में शिवसेना 27 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई थी. इस बीच बीजेपी (14), कांग्रेस (12) और एनसीपी (4) ने मिलकर गठबंधन बनाया और बहुमत हासिल कर लिया. बीजेपी की तेजश्री करंजुले पाटिल नगर परिषद की अध्यक्ष चुनी गईं.

एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने इस गठबंधन को अपवित्र, अनैतिक और मौकापरस्ती बताया. गठबंधन ने ठाणे जिला कलेक्टर को एक लेटर भी सौंप दिया था.बता दें कि एकनाथ शिंदे और राज्य बीजेपी प्रमुख रविंद्र चव्हाण दोनों ठाणे ज़िले के ही रहने वाले हैं.

अकोट में बीजेपी को मिला AIMIM पार्षदों का साथ

अकोट जिले की अकोट नगर परिषद की 35 सीटों में से 33 सीटों पर हुए चुनाव हुए थे. बीजेपी 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उसके बाद कांग्रेस (6), AIMIM (5), प्रहार जनशक्ति पार्टी (3), ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (2), VBA (2), अजीत पवार के नेतृत्व वाली NCP (2), शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (1) और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (1) रहीं.

परिषद में बीजेपी को ओवैसी की पार्टी AIMIM के 4 पार्षदों का साथ मिला. अकोट में बीजेपी ने एआईएमआईएम समेत कई दलों के साथ अकोट विकास मंच बनाया. अन्य दलों के समर्थन से गठबंधन को बहुमत हासिल हो गया. बीजेपी की माया धुले महापौर चुनी गईं. कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाडी यहां विपक्ष में रहीं.

इस गठबंधन के बीजेपी-कांग्रेस और AIMIM निशाने पर आ गईं. तीनों डैमेज कंट्रोल में जुटीं. AIMIM के पूर्व विधायक वारिस पठान ने कहा कि किसी भी कीमत पर BJP के साथ गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं है, क्योंकि हमारी विचारधाराएं अलग-अलग हैं. लेकिन पार्टी के अकोला इंचार्ज यूसुफ पुंजानी ने माना कि शहर-स्तर का एक मोर्चा बनाया गया था. पुंजानी ने कहा, हमारे पार्षदों ने मुझे बताया कि चूंकि किसी भी पार्टी के पास बहुमत नहीं था, इसलिए नगर परिषद के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए एक स्थानीय, शहर-स्तर का मोर्चा बनाया गया जिसमें AIMIM के पार्षद शामिल हुए. लेकिन पार्षदों को मोर्चे से हटने का निर्देश दिया गया है क्योंकि इसमें महायुति पार्टियां शामिल हैं. अगर वे ऐसा करने में नाकाम रहते हैं, तो पार्टी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी.

फडणवीस ने दी चेतावनी

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ऐसे गठबंधनों को खारिज करते हुए कहा है कि इसमें शामिल पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि ऐसे गठबंधनों को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मंजूरी नहीं दी है और यह अनुशासन के खिलाफ है. सीएम ने कहा कि कांग्रेस या एआईएमआईएम से कोई भी गठबंधन स्वीकार नहीं किया जाएगा और जिन्होंने ऐसा किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे गठबंधनों को खत्म करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं.

कांग्रेस ने क्या कहा?

महाराष्ट्र कांग्रेस के वाइस-प्रेसिडेंट गणेश पाटिल ने अंबरनाथ यूनिट के चीफ को लिखे एक लेटर में कहा, नगर पालिका चुनाव पार्टी के सिंबल पर लड़ा गया था. लेटर में कहा गया है, मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि आपने स्टेट ऑफिस को बिना बताए अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी के साथ गठबंधन किया. यह गलत है और पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है.

इसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ हर्षवर्धन सपकाल के निर्देशों के अनुसार, प्रदीप पाटिल को सस्पेंड कर दिया गया है और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को भंग कर दिया गया है. इसमें यह भी कहा गया है कि इसके अलावा, पार्टी अनुशासन तोड़ने के लिए सभी पार्षदों को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है.

अंबरनाथ में बीजेपी से गठबंधन के लिए कांग्रेस प्रदीप पाटिल को जिम्मेदार ठहरा रही है. उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया है. प्रदीप पाटिल अंबरनाथ में कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक हैं. वह अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं. प्रदीप 2024 में शिंदे की शिवसेना से जुड़ थे, लेकिन कुछ महीने बाद ही उन्होंने कांग्रेस में वापसी कर ली थी. प्रदीप पाटिल ने 1995 से 2020 तक पार्षद के तौर पर काम किया.

उधर, अकोट में AIMIM से गठबंधन के लिए महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख रविंद्र चव्हाण ने प्रकाश भर्सखले को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. प्रकाश अकोट से विधायक हैं. वह अलग-अलग पार्टियों में रह चुके हैं. बतौर शिवसेना कार्यकर्ता उन्होंने अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी. उन्हें 1990 में दरियापुर सीट से मौका मिला और उन्होंने शिवसेना उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता. 2005 में नारायण राणे को शिवसेना से निकाले जाने के बाद भर्सखले ने शिवसेना से इस्तीफा दे दिया.

वह नारायण राणे के साथ इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल हो गए और 2005 में दरियापुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर उपचुनाव जीता. 2009 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और अकोट (विधानसभा क्षेत्र) से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए. प्रकाश 2012 में बीजेपी में शामिल हो गए. 2014 में उन्हें अकोट (विधानसभा क्षेत्र) से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर मौका मिला और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ बड़े वोटों के अंतर से चुनाव जीता.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rajsatta Express