राजनीतिक गलियारों में हलचल उस समय तेज हो गई जब Aam Aadmi Party ने अपने प्रमुख सांसद Raghav Chadha को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटा दिया।
उनकी जगह Ashok Mittal को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस फैसले को पार्टी के अंदर बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि राघव चड्ढा पार्टी के सबसे चर्चित और युवा चेहरों में गिने जाते रहे हैं।
'Silenced, not defeated': राघव का जवाब और संदेश
इस फैसले के बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें "चुप कराया गया है, हराया नहीं गया।" उन्होंने एक और वीडियो पोस्ट किया, जिसमें संसद में उठाए गए मुद्दों की झलक दिखाई गई-जैसे शिक्षा और रोजगार के बीच अंतर, 'वन नेशन, वन मेडिकल ट्रीटमेंट', मजदूरी से जुड़े मुद्दे और भगत सिंह को भारत रत्न देने की मांग। वीडियो के साथ सिर्फ तिरंगे का इमोजी साझा करना उनके संदेश को और ज्यादा संकेतात्मक बना गया।
प्रियंका चोपड़ा का समर्थन, बॉलीवुड कनेक्शन बना चर्चा में
इस पूरे विवाद के बीच एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब Priyanka Chopra ने राघव के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हार्ट और ताली वाले इमोजी के जरिए समर्थन जताया। राघव की पत्नी Parineeti Chopra, प्रियंका की कजिन हैं, जिससे यह समर्थन और भी चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर इसे राजनीतिक विवाद में "सेलेब्रिटी एंगल" के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी के अंदर सवाल, 'लाइन से हटने' के आरोप
AAP के अंदर पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे थे। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने कई अहम मुद्दों पर पार्टी के साथ खुलकर खड़े होने से परहेज किया। उन्हें "सॉफ्ट PR" करने और बड़े राजनीतिक मुद्दों से दूरी बनाए रखने के आरोपों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी तरफ, भाजपा ने दावा किया कि यह फैसला राघव और Arvind Kejriwal के बीच बढ़ती दूरी का नतीजा है।
बाहरी समर्थन भी मिला, नए राजनीतिक संकेत?
राघव चड्ढा को पार्टी के बाहर से भी समर्थन मिल रहा है। अभिनेत्री दिशा पटानी की बहन खुशबू पटानी ने भी उनके पक्ष में बयान देते हुए कहा कि भविष्य में वह खुद अपनी पार्टी बना सकते हैं। इस तरह के बयान इस बात का संकेत देते हैं कि यह विवाद केवल एक पद से हटाने तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि आगे बड़े राजनीतिक बदलाव का रूप ले सकता है।
आगे क्या? नजरें राघव के अगले कदम पर
फिलहाल, यह साफ है कि AAP के अंदर स्थिति सामान्य नहीं है। राघव चड्ढा के बयानों और सोशल मीडिया एक्टिविटी से यह संकेत मिल रहा है कि वह अपनी राजनीतिक पहचान को अलग तरीके से स्थापित करने की कोशिश कर सकते हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि क्या यह विवाद सुलझेगा या आने वाले समय में कोई बड़ा राजनीतिक मोड़ देखने को मिलेगा।

