दुनिया भर के बाजारों ने राहत की सांस ली जब अमेरिका और ईरान के बीच अचानक दो हफ्ते का सीजफायर लागू हुआ। इस समझौते से सबसे बड़ा असर उस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर पड़ा, जिसे Strait of Hormuz कहा जाता है।
यह रास्ता वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है। इसके खुलते ही तेल की कीमतों में गिरावट आई और शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली।
ईरान का डिजिटल वार: 'TACO' वीडियो से ट्रंप पर निशाना
सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने एक अलग तरह का हमला किया-डिजिटल मोर्चे पर। एक एनिमेशन वीडियो में Donald Trump को लेगो स्टाइल में दिखाया गया, जिसमें उन्हें "पीछे हटने वाला नेता" बताया गया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे अमेरिका सैन्य कार्रवाई की योजना बनाता है, लेकिन अंत में हालात बिगड़ने के डर से पीछे हट जाता है। इस वीडियो के साथ "TACO" शब्द का इस्तेमाल किया गया, जिसका मतलब है-"Trump Always Chickens Out"। यह शब्द Robert Armstrong ने गढ़ा था।
वीडियो में युद्ध का काल्पनिक चित्र, संदेश साफ
एनिमेशन में अमेरिका के हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई को दिखाया गया है। इसमें इस्फहान और करज जैसे शहरों के साथ-साथ खाड़ी देशों और इजराइल तक हमलों का काल्पनिक दृश्य बनाया गया। इसके बाद दिखाया गया कि वैश्विक स्तर पर तेल, गैस और खाद की सप्लाई प्रभावित होती है, यहां तक कि बड़े इवेंट भी रद्द हो जाते हैं। वीडियो के अंत में ट्रंप को एक सपने से जागते हुए दिखाया गया, जहां ईरान की "शांति योजना" सामने आती है। यह संदेश देने की कोशिश है कि ईरान खुद को मजबूत और निर्णायक पक्ष के रूप में पेश कर रहा है।
बाजारों में जबरदस्त उछाल, तेल कीमतों में गिरावट
सीजफायर का असर तुरंत बाजारों पर दिखा। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। एशियाई बाजारों में जापान का Nikkei 225 करीब 4.8% चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का Kospi 5.6% तक उछला। अमेरिका में S&P 500 फ्यूचर्स में भी तेजी देखी गई। यह साफ संकेत है कि निवेशक फिलहाल तनाव कम होने से राहत महसूस कर रहे हैं।
राजनयिक बयानबाजी भी तेज, 'ईरान जीता' का दावा
ईरान के दूतावास ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। उन्होंने लिखा कि दुनिया को "ईरानी सभ्यता के सामने झुकना चाहिए।" वहीं, अमेरिका ने इस समझौते को "दोनों तरफ से सीजफायर" बताया है, जिसमें दोनों देश फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं।
आगे क्या? शांति या फिर नया टकराव
यह सीजफायर सिर्फ दो हफ्तों के लिए है, इसलिए इसे स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। अगर दोनों देश बातचीत के जरिए आगे बढ़ते हैं, तो वैश्विक स्तर पर स्थिरता आ सकती है। लेकिन अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो इसका असर सीधे अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा। फिलहाल, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह राहत कितनी लंबी चलती है।
