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2 सीटों से शुरू हुआ सफर. आज 21 राज्यों में सत्ता, आखिर कैसे बनी भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी?

2 सीटों से शुरू हुआ सफर. आज 21 राज्यों में सत्ता, आखिर कैसे बनी भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी?

हाइलाइट्स

  • भारतीय जनता पार्टी आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है और यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है।
  • देश के 21 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी या उसके नेतृत्व वाले एनडीए की सरकार है।
  • 18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी वैश्विक स्तर पर भी सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी मानी जाती है।
  • एडीआर रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय जनता पार्टी की आय 6769 करोड़ रुपये रही।
  • 1984 में सिर्फ दो लोकसभा सीटों से शुरुआत करने वाली भारतीय जनता पार्टी आज राष्ट्रीय राजनीति की सबसे प्रभावशाली ताकत बन चुकी है।

भारतीय राजनीति में 47 साल का सफर: भारतीय जनता पार्टी की कहानी

देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकतों में से एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। 6 अप्रैल 1980 को स्थापित हुई भारतीय जनता पार्टी ने भारतीय राजनीति में ऐसा सफर तय किया है, जो लोकतांत्रिक इतिहास में बेहद अनोखा माना जाता है।

एक समय था जब भारतीय जनता पार्टी को संसद में मात्र दो सीटें मिली थीं, लेकिन आज यह पार्टी न केवल देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, बल्कि दुनिया की भी सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक संगठन मानी जाती है।

18 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी का संगठनात्मक ढांचा बेहद मजबूत माना जाता है। यही कारण है कि आज देश के 21 राज्यों में या तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार है या उसके नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन की सरकार चल रही है।

किन-किन राज्यों में सत्ता में है भारतीय जनता पार्टी

वर्तमान समय में भारत के कई राज्यों में भारतीय जनता पार्टी या एनडीए की सरकारें सत्ता में हैं। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गोवा, असम, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं।

हालांकि कुछ बड़े राज्यों जैसे केरल, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में अभी तक भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने में सफल नहीं हो सकी है। फिर भी इन राज्यों में पार्टी लगातार अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

गुजरात: 31 साल से सत्ता में भारतीय जनता पार्टी

लंबे समय से जारी राजनीतिक दबदबा

गुजरात ऐसा राज्य है जहां भारतीय जनता पार्टी पिछले तीन दशकों से लगातार सत्ता में बनी हुई है।

1995 से शुरू हुआ यह सिलसिला आज तक जारी है। इस दौरान केशुभाई पटेल, सुरेश मेहता, शंकर सिंह वाघेला और दिलीप पारिख जैसे नेताओं ने राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाई।

साल 2001 में नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने और उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में लगातार चुनाव जीतकर अपना मजबूत राजनीतिक आधार बना लिया।

आज भी गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और भूपेंद्र पटेल मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश में दो दशकों से मजबूत पकड़

मध्य प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक प्रभाव बेहद मजबूत माना जाता है।

लगभग 20 वर्षों से अधिक समय से राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रही है। हालांकि 2018 से 2020 के बीच कांग्रेस की 15 महीने की सरकार रही, लेकिन उसके बाद फिर से भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में वापसी कर ली।

शिवराज सिंह चौहान के लंबे कार्यकाल के बाद अब मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री हैं।

हरियाणा में सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड तोड़ा

हरियाणा की राजनीति में पहले लगभग हर चुनाव में सत्ता बदलने का ट्रेंड था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इस परंपरा को तोड़ दिया।

2014 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा में सरकार बनाई और इसके बाद लगातार तीसरी बार सत्ता में बनी हुई है।

मनोहर लाल खट्टर के बाद अब नायब सिंह सैनी राज्य के मुख्यमंत्री हैं। पिछड़े वर्ग, जाट और दलित समुदायों के समर्थन ने भारतीय जनता पार्टी को यहां मजबूत राजनीतिक आधार दिया है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का प्रभाव

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी का मजबूत राजनीतिक प्रभाव है।

2017 से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार राज्य में सत्ता संभाल रही है।

पार्टी ने यहां समाजवादी पार्टी के एमवाई समीकरण और बसपा के पारंपरिक दलित वोट बैंक को चुनौती देते हुए हिंदुत्व और विकास के मुद्दे पर बड़ी जीत हासिल की।

अब 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी की रणनीति पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर है।

दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी भारतीय जनता पार्टी

सदस्य संख्या में विश्व रिकॉर्ड

आज भारतीय जनता पार्टी सदस्य संख्या के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी मानी जाती है।

पार्टी के 18 करोड़ से अधिक सदस्य हैं, जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से भी अधिक बताए जाते हैं।

यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि संगठन के स्तर पर भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में कितना बड़ा नेटवर्क तैयार किया है।

दो सीटों से पूर्ण बहुमत तक का सफर

1984 के लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए बेहद कठिन साबित हुए थे। उस चुनाव में पार्टी को केवल दो सीटें मिली थीं।

इनमें से एक सांसद गुजरात से ए.के. पटेल और दूसरे आंध्र प्रदेश के हनमकोंडा से जंगा रेड्डी थे।

लेकिन इसके बाद पार्टी ने धीरे-धीरे अपना जनाधार बढ़ाया और 2014 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने अपने दम पर लोकसभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया।

अटल बिहारी वाजपेयी का ऐतिहासिक कार्यकाल

भारतीय राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के लिए अटल बिहारी वाजपेयी का कार्यकाल ऐतिहासिक माना जाता है।

वे भारत के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने 1999 से 2004 तक अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा किया।

इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार चुनाव जीतकर केंद्र में सरकार बनाई।

जनसंघ से शुरू हुआ भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक सफर

वैचारिक जड़ें

भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक जड़ें 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जनसंघ से जुड़ी हुई हैं।

1977 में आपातकाल के बाद जनसंघ का विलय जनता पार्टी में हुआ, लेकिन वैचारिक मतभेदों के कारण 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन किया गया।

शुरुआत में पार्टी ने गांधीवादी समाजवाद को अपनी विचारधारा के रूप में अपनाया था। बाद में एकात्म मानववाद को पार्टी की वैचारिक आधारशिला माना गया।

कमल का चुनाव चिन्ह और सांस्कृतिक प्रतीक

भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिन्ह कमल है, जो भारत का राष्ट्रीय फूल भी है।

इतिहासकारों के अनुसार 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी रोटी और कमल विद्रोह के प्रतीक माने जाते थे।

पार्टी इस प्रतीक को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव से जोड़कर देखती है।

आगे की चुनौतियां और राजनीतिक रणनीति

हालांकि भारतीय जनता पार्टी देश के कई राज्यों में सत्ता में है, लेकिन कुछ बड़े राज्यों में पार्टी के सामने अभी भी चुनौती बनी हुई है।

केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भारतीय जनता पार्टी अभी तक सरकार नहीं बना सकी है।

आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी इन राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए नई रणनीति बना रही है।

दो सीटों से शुरू हुआ भारतीय जनता पार्टी का सफर आज भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली अध्यायों में से एक बन चुका है।

संगठनात्मक मजबूती, मजबूत नेतृत्व और व्यापक सदस्य आधार ने भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में एक निर्णायक शक्ति बना दिया है।

47वें स्थापना दिवस के मौके पर यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले वर्षों में भी भारतीय जनता पार्टी भारतीय राजनीति की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

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