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3 दिन पहले छोड़ा था जिसे जिंदा... वही आधी रात लौटकर ले गया इकलौते बेटे की जान!

3 दिन पहले छोड़ा था जिसे जिंदा... वही आधी रात लौटकर ले गया इकलौते बेटे की जान!

त्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसा दर्दनाक मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। महज तीन दिन पहले जिस घर में दो सांप दिखाई दिए थे, उसी घर में आधी रात मौत फिर से लौट आई।

इस बार जहरीले करैत सांप ने पहले एक मासूम बच्ची को डसा और कुछ ही मिनट बाद उसके छह वर्षीय भाई पर भी हमला कर दिया। इस भयावह घटना में मासूम बेटे की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार खुद को कोसते हुए कह रही है कि अगर उस वक्त पता होता कि सांप ने बेटी को काटा है, तो बेटे को भी उसी समय कमरे से बाहर निकाल लेती।

तीन दिन पहले दिखे थे दो सांप

परिजनों के अनुसार करीब तीन दिन पहले उनके घर में दो सांप दिखाई दिए थे। अचानक सांप दिखने से घर में हड़कंप मच गया था। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने सांपों को पकड़ने की कोशिश की और इस दौरान एक सांप को मार दिया गया। हालांकि दूसरा सांप वहां से भाग निकला और कहीं छिप गया।

परिवार को लगा कि अब खतरा टल चुका है। किसी ने यह नहीं सोचा कि बचा हुआ सांप दोबारा लौटकर इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन जाएगा।

उसी कमरे में सो रहा था पूरा परिवार

घटना वाली रात नेहा कुशवाहा अपने छह साल के इकलौते बेटे मयंक और बेटी प्रगति के साथ उसी कमरे में सो रही थीं, जहां पहले सांप दिखाई दिया था। रात करीब तीन बजे अचानक प्रगति दर्द से चीखने लगी। उसकी आवाज सुनकर नेहा की नींद खुल गई।

शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर बच्ची क्यों रो रही है। उन्होंने तुरंत उसे गोद में उठाया और कमरे से बाहर लेकर आ गईं। जब उन्होंने बच्ची के शरीर पर निशान देखे तो उन्हें शक हुआ कि शायद किसी जहरीले जीव ने काट लिया है। कुछ ही देर में यह साफ हो गया कि सांप ने हमला किया है।

सिर्फ कुछ मिनट बाद बेटे की भी चीख सुनाई दी

प्रगति को बाहर लाने के करीब पांच से सात मिनट बाद अचानक कमरे के अंदर से छह साल के मयंक के रोने की आवाज आने लगी। परिवार के लोग दौड़ते हुए कमरे में पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए।

बताया जाता है कि जहरीला सांप मयंक के शरीर के ऊपर ही बैठा हुआ था। किसी तरह उसे वहां से भगाया गया और बच्चे को तुरंत बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

परिजनों ने देखा कि मयंक को सांप ने एक नहीं बल्कि चार अलग-अलग जगहों पर काटा था। जहरीले जहर का असर तेजी से उसके शरीर में फैलने लगा।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने तोड़ा दम

परिवार ने बिना समय गंवाए दोनों बच्चों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही छह वर्षीय मयंक ने रास्ते में दम तोड़ दिया।

डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जहरीले जहर का असर इतना तेज था कि उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

दूसरी ओर प्रगति का इलाज जारी है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। परिवार की उम्मीद अब सिर्फ प्रगति की जिंदगी बचने पर टिकी हुई है।

मां की एक बात सुनकर हर कोई रो पड़ा

अपने इकलौते बेटे को खो चुकी मां नेहा कुशवाहा का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कह रही हैं कि अगर उन्हें बेटी के रोने के समय ही पता चल जाता कि उसे सांप ने काटा है, तो वह उसी समय बेटे को भी कमरे से बाहर निकाल लेतीं।

नेहा की यह बात सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। कुछ ही मिनटों की देरी ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

करैत सांप निकला हमलावर

जानकारी के अनुसार जिस सांप ने दोनों बच्चों पर हमला किया, वह करैत (Krait) था। करैत भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिना जाता है और इसे देश के चार सबसे विषैले सांपों में शामिल किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार करैत का जहर बेहद तेजी से तंत्रिका तंत्र पर असर करता है। कई बार व्यक्ति को शुरुआती समय में ज्यादा दर्द भी महसूस नहीं होता, लेकिन कुछ ही घंटों में सांस लेने में दिक्कत शुरू हो जाती है। यदि समय पर एंटी-स्नेक वेनम और चिकित्सा न मिले तो जान बचाना बेहद कठिन हो जाता है।

रात में ज्यादा सक्रिय रहता है करैत

विशेषज्ञ बताते हैं कि करैत मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहता है। यही वजह है कि इसके अधिकांश हमले देर रात या सुबह के समय होते हैं।

यह सांप अक्सर घरों के आसपास, लकड़ी के ढेर, पुराने सामान, खेतों के किनारों और चूहों के बिलों के पास पाया जाता है। कई बार यह रात में गर्म स्थान की तलाश में घरों के अंदर भी प्रवेश कर जाता है।

सोते हुए लोगों को इसका हमला कई बार तुरंत महसूस भी नहीं होता, जिससे इलाज में देरी हो जाती है और खतरा बढ़ जाता है।

सांप दिखे तो क्या करें?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि घर में सांप दिखाई दे तो उसे खुद मारने या पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसकी जगह तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए।

इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए। झाड़-फूंक, घरेलू उपचार या जहर चूसने जैसी गलत धारणाओं पर भरोसा नहीं करना चाहिए। मरीज को जितना संभव हो शांत रखना चाहिए ताकि जहर शरीर में तेजी से न फैले।

पूरे इलाके में पसरा मातम

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। छह साल के मासूम मयंक की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। लोग अस्पताल में भर्ती प्रगति के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।

एक ही परिवार पर कुछ मिनटों के भीतर टूटा यह दुखों का पहाड़ हमेशा याद दिलाएगा कि बरसात के मौसम में जहरीले सांपों का खतरा कितना बड़ा हो सकता है। थोड़ी सी सावधानी और समय पर उचित कदम कई बार ऐसी दुखद घटनाओं को टाल सकते हैं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rangin Duniyan