Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
6 दिन तक मृत बच्चे को सीने से लगाए रही मां डॉल्फिन... ड्रोन कैमरे में कैद हुआ ऐसा दर्द, जिसे देखकर दुनिया रो पड़ी!

6 दिन तक मृत बच्चे को सीने से लगाए रही मां डॉल्फिन... ड्रोन कैमरे में कैद हुआ ऐसा दर्द, जिसे देखकर दुनिया रो पड़ी!

इंटरनेट पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने दुनिया भर के लोगों को भावुक कर दिया है। वीडियो में एक मां डॉल्फिन अपने मृत नवजात बच्चे को छह दिनों तक अपने साथ लेकर समुद्र में तैरती हुई दिखाई देती है।

यह दृश्य सिर्फ एक सामान्य वन्यजीव घटना नहीं, बल्कि मां और संतान के बीच गहरे भावनात्मक रिश्ते की ऐसी तस्वीर है जिसने वैज्ञानिकों से लेकर आम लोगों तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

ड्रोन कैमरे से रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में मां डॉल्फिन बार-बार अपने बच्चे को पानी की सतह तक लाती है, मानो वह अब भी उम्मीद कर रही हो कि उसका नन्हा बच्चा फिर से सांस लेने लगेगा। सोशल मीडिया पर यह वीडियो लाखों बार देखा जा चुका है और लोग इसे प्रकृति के सबसे भावुक दृश्यों में से एक बता रहे हैं।

हिंद महासागर में रिकॉर्ड हुआ यह भावुक पल

जानकारी के अनुसार यह वीडियो हिंद महासागर में रिकॉर्ड किया गया। इसे ऑस्ट्रेलिया की संस्था जियोग्राफी मरीन रिसर्च की रिसर्च टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से कैद किया। समुद्र में नियमित अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों की नजर एक डॉल्फिन पर पड़ी जो लगातार अपने छोटे से बच्चे को अपने साथ लेकर तैर रही थी।

करीब से निगरानी करने पर पता चला कि नवजात डॉल्फिन की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन उसकी मां उसे छोड़ने को तैयार नहीं थी। कई दिनों तक वैज्ञानिकों ने इस व्यवहार का अध्ययन किया और पाया कि मां लगातार अपने बच्चे को संभाले हुए है।

फ्रैगल... जिसने पहले भी खो दिए थे चार बच्चे

रिसर्च टीम ने बताया कि इस डॉल्फिन का नाम फ्रैगल (Fraggle) है। उसका यह नवजात बच्चा केवल दो सप्ताह का था। दुखद बात यह है कि फ्रैगल इससे पहले भी अपने चार बच्चों को खो चुकी थी। यानी यह उसकी पांचवीं संतान थी, जिसकी मौत ने उसे एक बार फिर गहरे शोक में डाल दिया।

वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार कई बच्चों को खोना किसी भी जीव के लिए बेहद असामान्य और दुखद स्थिति है। इस बार भी फ्रैगल अपने बच्चे को छोड़ नहीं पाई और उसे छह दिनों तक अपने साथ लेकर समुद्र में तैरती रही।

अकेली नहीं थी फ्रैगल, 14 डॉल्फिनों की टोली बनी सहारा

इस पूरी घटना का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि फ्रैगल अपने दुख में अकेली नहीं थी।

रिसर्चर्स के अनुसार करीब 14 अन्य डॉल्फिनों का समूह लगातार उसके आसपास बना रहा। वे उसके साथ-साथ तैरती रहीं और लंबे समय तक उसके पास ही रहीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह व्यवहार सामाजिक सहयोग और समूह के मजबूत रिश्तों का संकेत हो सकता है।

हालांकि वैज्ञानिक यह निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि अन्य डॉल्फिन इंसानों की तरह शोक व्यक्त कर रही थीं, लेकिन उनका लगातार फ्रैगल के साथ बने रहना बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक व्यवहार माना जा रहा है।

क्या जानवर भी शोक मनाते हैं?

यह सवाल वर्षों से वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय रहा है कि क्या जानवर भी इंसानों की तरह दुख महसूस करते हैं।

कई वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि डॉल्फिन, हाथी, चिंपैंजी और व्हेल जैसे अत्यधिक बुद्धिमान जानवर अपने साथी या परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद असामान्य व्यवहार दिखाते हैं।

इन व्यवहारों में शामिल हैं-

  • मृत बच्चे या साथी के शरीर के पास लंबे समय तक रहना।

  • उसे बार-बार उठाने या संभालने की कोशिश करना।

  • समूह के अन्य सदस्यों का मृत जीव के आसपास इकट्ठा होना।

  • सामान्य गतिविधियों में कमी आना।

डॉल्फिन के मामले में कई बार मां अपने मृत बच्चे को घंटों, दिनों और कुछ मामलों में कई सप्ताह तक अपने साथ लेकर तैरती रहती है।

2018 में भी सामने आई थी ऐसी ही दर्दनाक घटना

यह पहली बार नहीं है जब किसी समुद्री जीव के ऐसे व्यवहार ने दुनिया का ध्यान खींचा हो।

साल 2018 में ताहलेक्वा (Tahlequah) नाम की एक ऑर्का व्हेल ने अपने मृत बच्चे को लगभग 17 दिनों तक अपने साथ रखा था। इस दौरान वह करीब 1600 किलोमीटर तक समुद्र में तैरती रही थी।

उस घटना ने भी पूरी दुनिया को झकझोर दिया था और वैज्ञानिकों ने उसे समुद्री स्तनधारियों में मातृत्व और भावनात्मक जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना था।

अब फ्रैगल की घटना ने एक बार फिर इसी विषय पर नई चर्चा शुरू कर दी है।

आखिर मृत बच्चे को क्यों नहीं छोड़ती मां डॉल्फिन?

वैज्ञानिकों के पास इसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है, लेकिन कई संभावित कारण बताए जाते हैं।

पहला कारण यह है कि डॉल्फिन का दिमाग बेहद विकसित होता है। उनकी सामाजिक संरचना जटिल होती है और वे एक-दूसरे को पहचानती हैं, सहयोग करती हैं तथा मजबूत रिश्ते बनाती हैं।

दूसरा कारण यह माना जाता है कि मां अपने बच्चे के साथ गहरे भावनात्मक संबंध के कारण उसे छोड़ नहीं पाती।

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि संभव है मां को यह उम्मीद रहती हो कि उसका बच्चा अभी पूरी तरह मृत नहीं हुआ है। इसलिए वह उसे बार-बार पानी की सतह तक लाकर सांस दिलाने की कोशिश करती रहती है।

हालांकि यह केवल वैज्ञानिक परिकल्पनाएं हैं और इस व्यवहार का सटीक कारण अभी भी शोध का विषय बना हुआ है।

हर डॉल्फिन का व्यवहार एक जैसा नहीं होता

रिसर्चर्स यह भी बताते हैं कि सभी डॉल्फिन एक जैसा व्यवहार नहीं करतीं।

कई बार पूरा समूह मृत बच्चे या साथी को कुछ समय बाद छोड़कर आगे बढ़ जाता है। वहीं कुछ मामलों में मां कई दिनों तक उसे अपने साथ लेकर तैरती रहती है।

यानी यह व्यवहार हर घटना में समान नहीं होता, लेकिन जितनी बार भी ऐसा देखा गया है, उसने वैज्ञानिकों को डॉल्फिन की भावनात्मक क्षमता पर गंभीरता से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया है।

सर्दियों में बढ़ जाता है नवजात डॉल्फिनों के लिए खतरा

रिसर्च टीम के अनुसार जिस समुद्री क्षेत्र में यह घटना हुई, वहां सर्दियों के मौसम में जन्म लेने वाले डॉल्फिन के बच्चों के लिए जीवित रहना अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है।

ठंडी हवाओं और मौसम में बदलाव के कारण नवजात बच्चों को सांस लेने से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि फ्रैगल के बच्चे में मृत्यु से पहले तेज और असामान्य सांस लेने के लक्षण दिखाई दिए थे।

हालांकि मृत्यु का अंतिम कारण निर्धारित करने के लिए पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सोशल मीडिया पर लोगों की भावुक प्रतिक्रियाएं

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लाखों लोग अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

कई यूजर्स ने लिखा कि यह वीडियो साबित करता है कि मातृत्व सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि यह दृश्य यह समझने के लिए काफी है कि जानवर भी दर्द, लगाव और बिछड़ने की पीड़ा महसूस कर सकते हैं।

हालांकि वैज्ञानिक लगातार यह भी याद दिलाते हैं कि जानवरों की भावनाओं को पूरी तरह इंसानी नजरिए से समझना सही नहीं होगा। उनके व्यवहार का अध्ययन वैज्ञानिक तथ्यों और लंबे अवलोकन के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

समुद्र की गहराइयों से मिला भावनाओं का अनमोल संदेश

फ्रैगल और उसके नवजात बच्चे की यह घटना केवल एक वायरल वीडियो नहीं है, बल्कि प्रकृति के उस पक्ष की झलक है जिसे इंसान अक्सर नजरअंदाज कर देता है। यह दृश्य बताता है कि समुद्र की विशाल दुनिया में रहने वाले जीव भी अपने परिवार से गहरा जुड़ाव रखते हैं और कई बार बिछड़ने का दर्द लंबे समय तक अपने भीतर संजोए रखते हैं।

हालांकि वैज्ञानिक अभी भी इस व्यवहार के वास्तविक कारणों पर शोध कर रहे हैं, लेकिन इतना तय है कि फ्रैगल की छह दिनों तक अपने मृत बच्चे को साथ लेकर तैरने की यह घटना समुद्री जीवों के सामाजिक और भावनात्मक व्यवहार को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गई है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rangin Duniyan