देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात, तेज हवाओं और कुछ क्षेत्रों में थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 3 अगस्त से 8 अगस्त तक उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई राज्यों में नदियों का जलस्तर बढ़ने, जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस अवधि में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करना चाहिए और अनावश्यक रूप से खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचना चाहिए। किसानों, यात्रियों और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
झारखंड में कई जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में 3 अगस्त से 8 अगस्त तक कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं।
विशेष रूप से 2 और 3 अगस्त के दौरान मध्यम से तीव्र वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की है।
बिहार में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा
बिहार में मानसून की गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार 2 से 5 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। वहीं 3 अगस्त को कुछ जिलों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा 2 से 8 अगस्त के बीच कई स्थानों पर वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में लगातार बरसेंगे बादल
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी जताई गई है।
वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
ओडिशा और अंडमान-निकोबार में मौसम रहेगा उग्र
ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण कुछ नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है।
वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए मौसम विभाग ने 4 से 8 अगस्त तक थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 3 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है। 3 और 4 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली में तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तेज बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी सामने आ सकती है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में भारी बारिश भी हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी लेते रहने और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 2 से 8 अगस्त तक भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है।
लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और यातायात बाधित होने की आशंका है। चारधाम यात्रा और अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और राजस्थान का मौसम
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 2 से 6 अगस्त तथा 8 अगस्त को व्यापक बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में 3 से 8 अगस्त तक छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश की संभावना कम है।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर
असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 4 अगस्त को कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त तक लगातार बारिश जारी रहने का अनुमान है। इन राज्यों में भी 4 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में तेज होगी बारिश
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के बीच वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 5 से 8 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त तक अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होगी। कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।
विदर्भ क्षेत्र में 6 से 8 अगस्त के बीच झमाझम बारिश होने की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में भी भारी बारिश
कोंकण और गोवा में 2 से 8 अगस्त तक तटीय इलाकों में लगातार मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में भारी बारिश की संभावना के बाद मौसम में कुछ राहत मिल सकती है। वहीं मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि इसके बाद वर्षा की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत के अन्य राज्यों का मौसम
केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।
लोगों के लिए मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों और सुरक्षित भवन में शरण लें। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
किसानों को खेतों में काम करने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है। पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
देशभर में सक्रिय मानसून के चलते आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में सतर्कता, समय पर मौसम की जानकारी और प्रशासनिक निर्देशों का पालन ही किसी भी संभावित खतरे से बचने का सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है।

