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90% लोग पैरों के सुन्न होने को समझते हैं मामूली, लेकिन सच जानकर उड़ जाएंगे होश!

90% लोग पैरों के सुन्न होने को समझते हैं मामूली, लेकिन सच जानकर उड़ जाएंगे होश!

ई दिल्ली। कई लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि लंबे समय तक बैठने, सोने या एक ही मुद्रा में रहने के बाद उनके पैर सुन्न हो जाते हैं। शुरुआत में लोग इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यदि यह परेशानी बार-बार होने लगे या बिना किसी स्पष्ट कारण के महसूस होने लगे, तो यह शरीर में किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पैरों का सुन्न होना केवल थकान या गलत तरीके से बैठने का परिणाम नहीं होता, बल्कि कई बार नसों, रक्त संचार या विटामिन की कमी जैसी समस्याओं की ओर भी इशारा करता है।

आखिर क्यों सुन्न हो जाते हैं पैर?

जब पैरों की नसों पर अधिक दबाव पड़ता है या रक्त का प्रवाह कुछ समय के लिए कम हो जाता है, तो पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन या सुई चुभने जैसा एहसास होने लगता है। यह स्थिति कुछ मिनटों में ठीक हो सकती है, लेकिन यदि यह बार-बार हो रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बिना किसी कारण के पैरों में बार-बार सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो इसकी जांच कराना जरूरी है।

विटामिन B12 की कमी भी हो सकती है वजह

विटामिन B12 शरीर की नसों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमजोरी और संतुलन बनाने में परेशानी हो सकती है।

शाकाहारी लोगों, बुजुर्गों और लंबे समय से कुछ विशेष दवाइयों का सेवन करने वाले लोगों में B12 की कमी अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर जांच करवाकर उचित उपचार लेना चाहिए।

डायबिटीज मरीजों को रहना चाहिए अधिक सतर्क

मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों में लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है।

इस स्थिति में पैरों में सुन्नपन, जलन, दर्द या संवेदनशीलता कम होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि समय पर इलाज न कराया जाए तो पैरों में गंभीर संक्रमण और घाव होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

कमर की नस दबने से भी होती है समस्या

यदि कमर में दर्द के साथ पैर में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होता है, तो इसकी वजह साइटिका या रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली नस पर दबाव हो सकता है।

ऐसी स्थिति में दर्द कमर से शुरू होकर जांघ, पिंडली और पैर तक फैल सकता है। लंबे समय तक इस समस्या को नजरअंदाज करने से चलने-फिरने में भी दिक्कत हो सकती है।

खराब ब्लड सर्कुलेशन भी है एक बड़ा कारण

यदि शरीर के निचले हिस्से में पर्याप्त रक्त नहीं पहुंचता, तो पैरों में सुन्नपन महसूस हो सकता है। धूम्रपान, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और हृदय संबंधी बीमारियां रक्त संचार को प्रभावित कर सकती हैं।

खासकर चलते समय पैरों में दर्द और आराम करने पर राहत मिलना भी रक्त संचार संबंधी बीमारी का संकेत हो सकता है।

किन लोगों में अधिक होता है खतरा?

कुछ लोगों में यह समस्या सामान्य लोगों की तुलना में अधिक देखने को मिलती है। इनमें शामिल हैं-

  • डायबिटीज के मरीज

  • विटामिन B12 की कमी वाले लोग

  • लंबे समय तक ऑफिस में बैठकर काम करने वाले कर्मचारी

  • बुजुर्ग

  • मोटापे से ग्रस्त लोग

  • धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करने वाले लोग

  • रीढ़ की हड्डी या नसों की समस्या से पीड़ित व्यक्ति

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

यदि पैरों का सुन्नपन इन लक्षणों के साथ दिखाई दे रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-

  • बार-बार या लगातार सुन्नपन होना

  • पैरों में कमजोरी महसूस होना

  • चलने में परेशानी होना

  • तेज दर्द या जलन होना

  • कमर से पैर तक दर्द फैलना

  • संतुलन बिगड़ना

  • पेशाब या मल पर नियंत्रण कम होना

यदि अचानक शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन के साथ बोलने में परेशानी, चेहरा टेढ़ा होना या हाथ-पैर काम न करना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह स्ट्रोक का संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

पैरों के सुन्नपन से बचने के आसान उपाय

विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ अच्छी आदतें अपनाकर इस समस्या के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें।

  • हर 30 से 45 मिनट में थोड़ी देर टहलें।

  • नियमित रूप से व्यायाम और स्ट्रेचिंग करें।

  • संतुलित आहार लें जिसमें विटामिन B12, आयरन और फोलेट पर्याप्त मात्रा में हो।

  • ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।

  • धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें।

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

  • वजन नियंत्रित रखें।

  • आरामदायक जूते पहनें।

क्या घरेलू उपाय काफी हैं?

यदि सुन्नपन केवल कुछ मिनटों के लिए होता है और शरीर की स्थिति बदलने पर ठीक हो जाता है, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है, दिनों तक बनी रहती है या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

डॉक्टर जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट, विटामिन B12 की जांच, ब्लड शुगर टेस्ट, नसों की जांच (Nerve Conduction Study) या एमआरआई जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं।

पैरों का सुन्न होना हमेशा सामान्य समस्या नहीं होता। कई बार यह शरीर का ऐसा संकेत होता है जो किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर रहा होता है। यदि यह परेशानी कभी-कभार होती है और जल्दी ठीक हो जाती है, तो जीवनशैली में सुधार काफी मददगार हो सकता है। लेकिन बार-बार होने वाला सुन्नपन, कमजोरी, दर्द या अन्य असामान्य लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच कराना ही सबसे सुरक्षित कदम है। समय पर पहचान और सही इलाज से कई गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rangin Duniyan