Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
अगले 48 घंटे में यूपी पर टूटेगी आसमानी आफत! मौसम विभाग की चेतावनी से मचा हड़कंप

अगले 48 घंटे में यूपी पर टूटेगी आसमानी आफत! मौसम विभाग की चेतावनी से मचा हड़कंप

त्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून अब एक बार फिर पूरी ताकत के साथ लौट आया है। लगातार पड़ रही उमस भरी गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों को बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन अब यही बारिश कई जिलों के लिए मुसीबत का कारण बन सकती है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और मेघ गर्जन की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियों में अचानक आई तेजी के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा भी बना रहेगा।

अचानक क्यों बदला मौसम?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की सक्रियता बढ़ने के पीछे कई मौसमीय प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। मानसूनी ट्रफ लाइन की स्थिति में बदलाव हुआ है, जिससे उत्तर प्रदेश की ओर लगातार नमी पहुंच रही है। इसके अलावा बिहार, राजस्थान और हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ गया है।

इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छा रहे हैं और कई जिलों में लगातार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह स्थिति अगले दो-तीन दिनों तक बनी रह सकती है।

46 जिलों के लिए जारी हुई चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 46 जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

  • कौशांबी

  • प्रयागराज

  • फतेहपुर

  • प्रतापगढ़

  • रायबरेली

  • अमेठी

  • बांदा

  • चित्रकूट

  • कानपुर देहात

  • कानपुर नगर

  • उन्नाव

  • सहारनपुर

  • मुजफ्फरनगर

  • बिजनौर

  • हमीरपुर

इन जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाएं, बिजली गिरने और जलभराव की आशंका जताई गई है।

लखनऊ समेत कई जिलों में यलो अलर्ट

राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के लगभग 40 अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से-

  • लखनऊ

  • बाराबंकी

  • गोरखपुर

  • वाराणसी

  • सीतापुर

  • हरदोई

  • लखीमपुर खीरी

  • सुल्तानपुर

  • अंबेडकरनगर

  • बस्ती

  • देवरिया

  • महाराजगंज

  • आजमगढ़

  • जौनपुर

  • गाजीपुर

और अन्य जिले शामिल हैं।

यलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम तेजी से बदल सकता है और लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

5 और 6 अगस्त को सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार 5 अगस्त को लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। वहीं 6 अगस्त को विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश होगी, वहां जलभराव, सड़कें बंद होने, यातायात प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

कन्नौज में सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई, जहां 125 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई।

इसके अलावा-

  • बहराइच (नानपारा) - 104 मिमी

  • अयोध्या - 94.8 मिमी

  • कानपुर नगर - 75 मिमी

  • लखनऊ - 66.6 मिमी

लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

अभी भी सामान्य से कम है मानसून

दिलचस्प बात यह है कि हाल के दिनों में तेज बारिश होने के बावजूद पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है।

1 जून से 4 अगस्त तक उत्तर प्रदेश में कुल 281.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में इस अवधि तक लगभग 387.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी।

इस हिसाब से प्रदेश में अब तक लगभग 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रहती है तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों

बारिश की वापसी किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान, मक्का, बाजरा, तिल और अन्य खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त नमी बेहद जरूरी होती है।

जिन क्षेत्रों में लंबे समय से बारिश नहीं हो रही थी, वहां खेतों को फायदा मिलेगा। लेकिन जहां अत्यधिक वर्षा होगी, वहां फसलों में जलभराव, पौधों के गिरने और रोग बढ़ने का खतरा भी रहेगा।

कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि-

  • खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें।

  • अत्यधिक वर्षा के दौरान उर्वरकों का प्रयोग फिलहाल टालें।

  • बिजली चमकने के समय खेतों में काम न करें।

  • पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।

शहरों में बढ़ सकती हैं परेशानियां

लगातार बारिश के कारण शहरी इलाकों में कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती हैं।

संभावित परेशानियां-

  • सड़कों पर जलभराव

  • ट्रैफिक जाम

  • बिजली आपूर्ति बाधित होना

  • पेड़ गिरने की घटनाएं

  • नालों का उफान

  • सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होना

विशेष रूप से बड़े शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में नगर निकायों को पहले से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बिजली गिरने का भी खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि-

  • बारिश के दौरान खुले मैदान में न रहें।

  • पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

  • मोबाइल चार्जिंग या बिजली के उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें।

  • जरूरत न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें।

  • मौसम खराब होने पर सुरक्षित भवन में शरण लें।

यात्रा करने वालों के लिए सलाह

यदि अगले दो दिनों में यात्रा की योजना है तो मौसम की ताजा जानकारी जरूर जांच लें।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि-

  • अनावश्यक यात्रा से बचें।

  • वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें।

  • जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचें।

  • नदी और नालों के किनारे जाने से परहेज करें।

  • प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

प्रशासन भी अलर्ट मोड में

लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए कई जिलों के प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी, राहत दलों की तैयारी, बिजली आपूर्ति की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमों को भी तैयार रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।

आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 48 से 72 घंटों तक उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। कई जिलों में रुक-रुक कर तेज बारिश होती रहेगी, जबकि कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद मानसूनी गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है, लेकिन फिलहाल लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश में मानसून की जोरदार वापसी ने एक ओर लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर भारी बारिश का खतरा भी बढ़ा दिया है। 46 जिलों में जारी चेतावनी को देखते हुए नागरिकों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। विशेष रूप से ऑरेंज और यलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और खराब मौसम के दौरान पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। यदि अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रहती है, तो यह प्रदेश में वर्षा की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है, लेकिन इसके साथ जलभराव, बाढ़ और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम भी बना रहेगा। इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rangin Duniyan