देश में मानसून का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने ताज़ा मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग का कहना है कि अगले 72 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
कई इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मानसून फिर हुआ सक्रिय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय मानसून ट्रफ पूरी तरह सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है, जबकि अरब सागर से आने वाली हवाएं भी बारिश को बढ़ावा दे रही हैं। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में बादल छाए रहने और तेज बारिश होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सक्रिय मानसूनी दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। इसी वजह से कई राज्यों में सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग ने जिन राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं-
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
पश्चिम बंगाल
मध्य प्रदेश
राजस्थान
गुजरात
छत्तीसगढ़
उत्तराखंड
हिमाचल प्रदेश
असम
मेघालय
अरुणाचल प्रदेश
कुछ जिलों में रेड अलर्ट जबकि कई क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या, देवरिया, बलिया, कुशीनगर, बस्ती और आसपास के जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार और झारखंड में बढ़ सकता है जलस्तर
बिहार और झारखंड में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी जताया गया है।
राज्य प्रशासन ने संवेदनशील जिलों में राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
गुजरात और राजस्थान में भी अलर्ट
गुजरात में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटे तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में भी तेज बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
पहाड़ों में बढ़ा खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है।
चारधाम यात्रा मार्गों सहित कई संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। यात्रियों से मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और उमस कम होगी, लेकिन तेज वर्षा होने पर कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।
बिजली गिरने को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है-
खुले मैदान में न रहें।
बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें।
किसानों के लिए सलाह
बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद है, लेकिन अत्यधिक वर्षा नुकसान भी पहुंचा सकती है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सुझाव दिया है-
खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें।
फसलों में जलभराव न होने दें।
बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव न करें।
पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
शहरों में बढ़ सकती है मुश्किल
भारी बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना है।
नगर निगमों को नालों की सफाई, जल निकासी और आपातकालीन व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह तैयार
राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
संवेदनशील जिलों में राहत दल, नाव, चिकित्सा टीम और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था पहले से की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
अगले 72 घंटे क्यों हैं अहम?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 72 घंटे मानसून की गतिविधियां सबसे अधिक सक्रिय रह सकती हैं।
यदि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली और मजबूत होती है तो कई क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
अनावश्यक यात्रा से बचें।
जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन न चलाएं।
नदी और नालों के पास जाने से बचें।
बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थान पर रहें।
मोबाइल में मौसम संबंधी अलर्ट सक्रिय रखें।
स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
भारत मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनी बताती है कि आने वाले तीन दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो सकते हैं। कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और जलभराव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। समय रहते सतर्कता बरतने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

