नई दिल्ली: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 3 अगस्त को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 15 घंटों के भीतर देश के 22 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
उत्तर भारत में सबसे ज्यादा असर
IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और बिहार में मानसून की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। इन राज्यों के कई जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
विशेष रूप से हिमालयी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को भी गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है।
बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कार्यालय जाने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों के लिए चेतावनी
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली, मेरठ, आगरा सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम सामान्य होने तक खेतों में अनावश्यक काम करने से बचें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
मध्य और पश्चिम भारत में भी बारिश का दौर
मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा के चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में जारी रहेगा मानसून
असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और आसपास के राज्यों में भी अगले 24 घंटों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन इलाकों में पहले से ही कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
तेज हवाओं से हो सकता है नुकसान
IMD ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ गिरने, बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने और कमजोर निर्माणों पर असर पड़ सकता है।
लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
स्कूल और प्रशासन अलर्ट पर
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए कई जिलों के प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी हुई है। जहां जरूरत होगी, वहां स्थानीय स्तर पर स्कूलों और अन्य गतिविधियों को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि पूरे देश में स्कूल बंद करने का कोई एक समान आदेश जारी नहीं किया गया है।
प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। नगर निकायों को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों के लिए सलाह
भारी बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है। नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक न हो तो खराब मौसम के दौरान घर पर ही रहना बेहतर रहेगा। वाहन चलाते समय हेडलाइट का प्रयोग करें और जलभराव वाले रास्तों से बचें।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
धान, मक्का और दलहन की खेती करने वाले किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि लगातार बारिश से फसलों को नुकसान न पहुंचे। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
क्या करें और क्या न करें?
मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें।
गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न जाएं।
जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित भवन के अंदर रहें।
यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और ट्रैफिक की जानकारी अवश्य लें।
पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे निर्माणों से दूर रहें।
मोबाइल फोन को चार्ज रखें और आवश्यक आपातकालीन नंबर अपने पास रखें।
देशभर में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं और अगले कुछ घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। समय रहते सावधानी बरतकर और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करके मौसम से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचते हुए केवल मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। सावधानी और सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ी सुरक्षा है।

