देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार, 4 अगस्त को कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों के भीतर उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी सिस्टम इस समय काफी सक्रिय है, जिसके कारण कई राज्यों में लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुककर तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के कुछ हिस्सों, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, केरल और कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज वर्षा हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत विशेष रूप से मौसम विभाग की निगरानी में है। असम और मेघालय के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, झांसी और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे में किसानों, खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। कई संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में भी बरसेंगे बादल
केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण कुछ जिलों में स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी भी घोषित की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और समुद्र तटों के पास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है।
तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर वज्रपात का भी खतरा है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
बारिश कृषि के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां कटाई या अन्य कृषि कार्य मौसम साफ होने के बाद ही करें।
यात्रा करने वालों के लिए चेतावनी
लगातार बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सड़क परिवहन प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की वजह से मार्ग बंद होने की संभावना भी बनी हुई है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखें।
क्या कहता है मौसम विभाग?
भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसून सक्रिय बना रहेगा और अगले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक लगातार बदलती परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर नए अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें।
बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं कई इलाकों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करके संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

