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पहले युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा, फिर VIDEO किया वायरल... अब बीच सड़क कान पकड़कर रोते रहे आरोपी!

पहले युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा, फिर VIDEO किया वायरल... अब बीच सड़क कान पकड़कर रोते रहे आरोपी!

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में युवकों को अगवा कर निर्वस्त्र करके बेल्ट और जूतों से पीटने तथा उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दहशत फैलाने वाले कथित 'रबाडा गैंग' के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

बर्रा पुलिस ने गैंग के दो और सदस्यों को गिरफ्तार कर उनका सार्वजनिक जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपितों से कान पकड़वाकर माफी मंगवाई गई और ढोल-डुगडुगी के बीच उन्हें लोगों के सामने यह कहते हुए चलाया गया कि वे भविष्य में कभी किसी के साथ मारपीट नहीं करेंगे।

करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह जुलूस इलाके में चर्चा का विषय बना रहा। पुलिस का कहना है कि गैंग लंबे समय से छात्रों और युवकों को निशाना बनाकर मारपीट, धमकी और जबरन वसूली जैसी वारदातों को अंजाम दे रहा था। अब गिरोह के बाकी सदस्यों की भी तलाश की जा रही है।

दो और आरोपित गिरफ्तार, पहले भी निकाला गया था जुलूस

पुलिस के अनुसार इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपितों की पहचान अंशू गौतम और अंश सिंह राठौर उर्फ अंशू डिफाल्टर के रूप में हुई है। दोनों को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।

इससे पहले 28 जुलाई को इस मामले के मुख्य आरोपित दिव्यांश पनवाड़ी और उसके साथी आयुष द्विवेदी को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनका भी सार्वजनिक जुलूस निकाला था। उस समय दो अन्य आरोपी फरार थे, जिन्हें अब पकड़ लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शास्त्री चौक से सचान चौराहे तक निकला जुलूस

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को शास्त्री चौक से सचान चौराहे तक करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलाया।

इस दौरान ढोल और डुगडुगी बजाई गई। रास्ते भर आरोपी कान पकड़कर लोगों के सामने माफी मांगते रहे। वे कहते रहे कि अब कभी किसी के साथ मारपीट नहीं करेंगे और अपने माता-पिता की बात मानकर सही रास्ते पर चलेंगे।

जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे खड़े होकर पूरा घटनाक्रम देखते रहे। कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।

डीसीपी ने क्या बताया?

डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पुलिस लगातार इस मामले की जांच कर रही थी। फरार चल रहे दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि यह गैंग इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए युवकों के साथ मारपीट करता था और घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दहशत फैलाने की कोशिश करता था।

पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। जो भी इस गैंग से जुड़ा मिलेगा, उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आखिर क्या था पूरा मामला?

यह सनसनीखेज घटना 9 जून की बताई जा रही है।

पीड़ित अमन सिंह, जो बर्रा-8 गुजैनी के वरुण विहार क्षेत्र का रहने वाला है, ने पुलिस को बताया कि कथित गैंग के सदस्य दिव्यांश पनवाड़ी, यशू, विशू पंडित और आयुष द्विवेदी ने उससे शराब पार्टी के लिए 5 हजार रुपये की मांग की थी।

जब उसने पैसे देने से इंकार कर दिया तो आरोपित उसे बर्रा विश्वबैंक आई ब्लॉक स्थित पार्क के पीछे सरकारी स्कूल के पास ले गए।

बेल्ट, जूते और लात-घूंसों से की गई बेरहमी से पिटाई

पीड़ित के अनुसार वहां उसके कपड़े उतरवाए गए और फिर बेल्ट, जूतों तथा लात-घूंसों से बेरहमी से उसकी पिटाई की गई।

इतना ही नहीं, जब उसका दोस्त सक्षम शर्मा बीच-बचाव करने पहुंचा तो आरोपितों ने उसके साथ भी मारपीट की।

घटना के दौरान मौजूद लोगों में से किसी ने भी विरोध करने की हिम्मत नहीं दिखाई। पीड़ित किसी तरह वहां से निकल सका।

वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल

पुलिस जांच के अनुसार, घटना के दौरान विशू नामक आरोपी ने पूरी मारपीट का वीडियो बनाया था।

इसके बाद 24 जुलाई को इस वीडियो को इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि वीडियो वायरल करने का मकसद इलाके में अपना डर और दबदबा कायम करना था ताकि लोग गैंग के खिलाफ आवाज न उठाएं।

वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया।

छात्रों को बनाता था निशाना

जांच में पुलिस के सामने यह भी जानकारी आई है कि कथित रबाडा गैंग मुख्य रूप से स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को निशाना बनाता था।

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य युवकों को रोककर उनसे पैसे मांगते थे। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी और कई मामलों में जबरन वसूली भी की जाती थी।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग में कुल कितने सदस्य शामिल हैं और क्या इनके खिलाफ पहले भी कोई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इलाके में दहशत फैलाने की थी कोशिश

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करना इस गैंग की रणनीति का हिस्सा था। इससे इलाके के लोगों में भय का माहौल बनाया जाता था ताकि कोई इनके खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत न करे।

हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद मामला उल्टा पड़ गया और पुलिस ने पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई शुरू कर दी।

बाकी आरोपितों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि मामले में अभी जांच जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

यदि जांच में किसी और की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास इस गैंग से जुड़ी कोई जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे।

कानून व्यवस्था पर सख्त संदेश

कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। लगातार दूसरी बार आरोपितों का सार्वजनिक जुलूस निकालकर पुलिस ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि दहशत फैलाने और जबरन वसूली करने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आ सकती है। मामले की विवेचना जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rangin Duniyan