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सावन के पहले सोमवार शिव मंदिर में मचा बवाल! शिव प्रतिमा पर पेशाब कर आरोपी बोला- "जो उखाड़ना है उखाड़ लो

सावन के पहले सोमवार शिव मंदिर में मचा बवाल! शिव प्रतिमा पर पेशाब कर आरोपी बोला- "जो उखाड़ना है उखाड़ लो

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से सावन के पहले सोमवार एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर शिव प्रतिमा के पास अशोभनीय हरकत करते हुए देखा गया।

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति तथा वीडियो बनाने वाले युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सावन के पहले सोमवार हुई घटना से बढ़ा तनाव

जानकारी के अनुसार यह मामला बुलंदशहर जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के बोहिच गांव का है। गांव में स्थित लगभग 35 वर्ष पुराने शिव मंदिर में सावन के पहले सोमवार सुबह कथित रूप से एक 55 वर्षीय व्यक्ति पहुंचा। आरोप है कि वह मंदिर की छत पर स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा के पास गया और वहां आपत्तिजनक हरकत की।

घटना का वीडियो गांव के ही एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद इलाके में लोगों की भावनाएं भड़क उठीं।

35 साल पुराने शिव मंदिर में हुई कथित घटना

ग्रामीणों के अनुसार यह शिव मंदिर गांव की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर की छत पर भगवान शिव की बड़ी प्रतिमा स्थापित है, जहां श्रद्धालु विशेष अवसरों पर दर्शन करने पहुंचते हैं। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है और पहले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं।

ऐसे समय में इस प्रकार की कथित घटना सामने आने से स्थानीय लोगों ने गहरा रोष व्यक्त किया और दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

वीडियो में क्या दिखाई देने का दावा?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में दावा किया जा रहा है कि आरोपी मंदिर की सीढ़ियां चढ़कर प्रतिमा के समीप पहुंचा और वहां कथित रूप से पेशाब किया। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि घटना रिकॉर्ड किए जाने पर आरोपी ने चुनौतीपूर्ण अंदाज में प्रतिक्रिया दी।

हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। पुलिस जांच के दौरान वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है।

गांव में फैला आक्रोश

वीडियो वायरल होने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच नाराजगी बढ़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस घटना को धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए प्रशासन से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है और यदि कोई जानबूझकर ऐसी हरकत करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस ने तुरंत संभाला मोर्चा

मामले की जानकारी मिलते ही शिकारपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस टीम गांव पहुंची और कथित आरोपी के साथ वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी। साथ ही वायरल वीडियो के स्रोत और उसके प्रसार की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

एसएसपी ने क्या कहा?

बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। दोनों संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें तथा सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के सामग्री साझा करने से बचें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वीडियो वायरल करने की भी हो रही जांच

पुलिस केवल कथित घटना की ही नहीं बल्कि वीडियो वायरल होने के पूरे घटनाक्रम की भी जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि वीडियो किसने रिकॉर्ड किया, किसने सबसे पहले सोशल मीडिया पर साझा किया और क्या इसके पीछे कोई पूर्व नियोजित उद्देश्य था।

यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

गांव में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की उकसाने वाली पोस्ट या अफवाहों से दूर रहें और यदि कोई संदिग्ध जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

धार्मिक स्थलों के सम्मान पर फिर उठी बहस

इस घटना के बाद धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। समाज के विभिन्न वर्गों का कहना है कि किसी भी धर्मस्थल के साथ अभद्रता या अपमानजनक व्यवहार कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में निष्पक्ष तथा त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।

अफवाहों से बचने की अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

लोगों से अपील की गई है कि सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव पैदा करने वाली अपुष्ट जानकारी साझा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

बुलंदशहर के बोहिच गांव में सावन के पहले सोमवार सामने आई इस कथित घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कानून के तहत आगे क्या कार्रवाई होती है।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rangin Duniyan