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सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी... लेकिन SHO कमरे में गहरी नींद में! DIG की रेड में खुला ऐसा राज कि तुरंत हो गया सस्पेंड

सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी... लेकिन SHO कमरे में गहरी नींद में! DIG की रेड में खुला ऐसा राज कि तुरंत हो गया सस्पेंड

मृतसर। पंजाब के अमृतसर बॉर्डर रेंज से पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां औचक निरीक्षण के दौरान एक थाना प्रभारी (SHO) कथित रूप से ड्यूटी छोड़कर कमरे में नशे की हालत में सोते हुए मिले।

आरोप है कि जिस समय उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के तहत नाके पर तैनात होना चाहिए था, उस समय वे अपने कमरे में आराम कर रहे थे। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी ने मौके पर ही सख्त कार्रवाई करते हुए SHO को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

औचक निरीक्षण में सामने आई बड़ी लापरवाही

जानकारी के अनुसार, अमृतसर बॉर्डर रेंज के डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का अचानक निरीक्षण करने निकले थे। निरीक्षण के दौरान जब वे राजासांसी थाना क्षेत्र में पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर हैरान रह गए।

बताया जा रहा है कि संबंधित SHO की उस समय नाके पर ड्यूटी लगी हुई थी, लेकिन वह निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं थे। जब अधिकारियों ने उनकी तलाश की तो वे कथित तौर पर अपने कमरे में नशे की हालत में सोते हुए मिले।

मौके पर ही लिया गया बड़ा फैसला

सूत्रों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान सामने आई इस कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल ने तत्काल कार्रवाई की। SHO को मौके पर ही निलंबित करने के निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे संवेदनशील इलाकों में तैनात अधिकारियों से उच्च स्तर की सतर्कता और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है।

बॉर्डर क्षेत्र में ड्यूटी की अहम जिम्मेदारी

अमृतसर भारत-पाकिस्तान सीमा से लगा संवेदनशील जिला माना जाता है। यहां पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी सामान्य क्षेत्रों की तुलना में कहीं अधिक होती है।

सीमावर्ती इलाकों में नियमित नाकाबंदी, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और सुरक्षा जांच लगातार चलती रहती है। ऐसे में यदि कोई अधिकारी अपनी ड्यूटी पर अनुपस्थित पाया जाता है तो इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना जाता है।

विभागीय जांच भी हो सकती है

पुलिस सूत्रों के अनुसार, निलंबन के साथ-साथ पूरे मामले की विभागीय जांच भी कराई जा सकती है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि SHO वास्तव में किस परिस्थिति में ड्यूटी से अनुपस्थित थे और क्या वे वास्तव में नशे की हालत में थे।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

पुलिस विभाग ने अनुशासन पर दिया जोर

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल विभाग की छवि को प्रभावित करती है बल्कि आम जनता की सुरक्षा पर भी असर डाल सकती है।

इसी कारण पुलिस मुख्यालय समय-समय पर औचक निरीक्षण कर अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करता रहता है।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। कई लोगों ने इसे पुलिस विभाग की जवाबदेही का उदाहरण बताया, जबकि कुछ लोगों ने सीमावर्ती क्षेत्र में ऐसी कथित लापरवाही पर चिंता व्यक्त की।

हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही होगी।

अमृतसर बॉर्डर रेंज में औचक निरीक्षण के दौरान राजासांसी थाने के SHO के कथित रूप से ड्यूटी छोड़कर कमरे में नशे की हालत में सोते हुए मिलने का मामला पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बन गया है। डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल ने प्रथम दृष्टया मिली लापरवाही को गंभीर मानते हुए SHO को तत्काल निलंबित कर दिया। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rangin Duniyan