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टेक दुनिया से आई चौंकाने वाली खबर! अब स्मार्टफोन खरीदने से पहले दो बार सोचिए

टेक दुनिया से आई चौंकाने वाली खबर! अब स्मार्टफोन खरीदने से पहले दो बार सोचिए

गर आप आने वाले महीनों में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग अब सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ने लगा है।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि AI चिप्स और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) की भारी मांग के कारण स्मार्टफोन निर्माण की लागत तेजी से बढ़ रही है। इसका परिणाम यह हो सकता है कि आने वाले समय में बाजार में लॉन्च होने वाले नए स्मार्टफोन पहले की तुलना में काफी महंगे हो जाएं।

AI की बढ़ती लोकप्रियता बनी वजह

पिछले दो वर्षों में AI तकनीक ने पूरी दुनिया में तेजी से विस्तार किया है। ChatGPT, Gemini, Copilot और अन्य जनरेटिव AI प्लेटफॉर्म के आने के बाद लगभग हर बड़ी टेक कंपनी अपने उत्पादों में AI फीचर्स जोड़ रही है। अब स्मार्टफोन कंपनियां भी ऐसे डिवाइस लॉन्च कर रही हैं जो फोन के अंदर ही AI आधारित प्रोसेसिंग कर सकें।

इन नए फीचर्स को चलाने के लिए पहले से अधिक शक्तिशाली प्रोसेसर, बेहतर न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट (NPU), अधिक RAM और हाई-स्पीड मेमोरी की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि हार्डवेयर की लागत लगातार बढ़ रही है।

चिप्स की मांग ने बढ़ाई कीमतें

AI डेटा सेंटरों के विस्तार के कारण दुनिया भर में हाई-परफॉर्मेंस चिप्स और मेमोरी की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कई सेमीकंडक्टर निर्माता अब अपना अधिकांश उत्पादन AI सर्वर और डेटा सेंटरों के लिए कर रहे हैं।

इसका असर स्मार्टफोन उद्योग पर भी पड़ा है। मोबाइल कंपनियों को पहले जितनी आसानी से चिप्स उपलब्ध हो जाते थे, अब वैसी स्थिति नहीं है। कई कंपनियों को अधिक कीमत पर चिप्स खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है।

Qualcomm और अन्य कंपनियों की चुनौती

Android स्मार्टफोन की दुनिया में Qualcomm सबसे बड़े प्रोसेसर निर्माताओं में से एक है। कंपनी के Snapdragon प्रोसेसर Samsung, Xiaomi, OnePlus, Motorola, Realme, Vivo, Oppo और Honor जैसे कई बड़े ब्रांड इस्तेमाल करते हैं।

बढ़ती लागत को देखते हुए उद्योग में यह चर्चा तेज है कि आने वाली पीढ़ी के फ्लैगशिप चिपसेट पहले की तुलना में अधिक महंगे हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो कंपनियां अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल सकती हैं।

क्यों महंगे हो रहे हैं AI स्मार्टफोन?

आज के AI स्मार्टफोन केवल कॉल और इंटरनेट के लिए नहीं बने हैं। इनमें कई उन्नत सुविधाएं दी जा रही हैं, जैसे-

  • लाइव भाषा अनुवाद

  • AI फोटो एडिटिंग

  • ऑटोमैटिक वीडियो जनरेशन

  • रियल टाइम ट्रांसक्रिप्शन

  • स्मार्ट वॉयस असिस्टेंट

  • ऑन-डिवाइस AI चैट

  • बेहतर कैमरा प्रोसेसिंग

इन सभी सुविधाओं को चलाने के लिए पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली हार्डवेयर की जरूरत होती है। यही कारण है कि प्रत्येक नए मॉडल की निर्माण लागत बढ़ रही है।

भारत के बाजार पर क्या होगा असर?

भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में शामिल है। हर वर्ष करोड़ों नए स्मार्टफोन खरीदे जाते हैं। यदि वैश्विक स्तर पर चिप्स की कीमतें बढ़ती हैं तो उसका प्रभाव भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम स्मार्टफोन सबसे पहले महंगे होंगे। इसके बाद धीरे-धीरे मिड-रेंज और बजट सेगमेंट पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि कंपनियां त्योहारों के दौरान डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर देकर ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश करेंगी।

AI डेटा सेंटर बन रहे सबसे बड़े ग्राहक

आज दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां अरबों डॉलर खर्च करके नए AI डेटा सेंटर बना रही हैं। Microsoft, Google, Amazon, Meta और अन्य कंपनियां लगातार नए सर्वर स्थापित कर रही हैं।

इन डेटा सेंटरों में उपयोग होने वाले प्रोसेसर और मेमोरी की मांग इतनी अधिक हो गई है कि सेमीकंडक्टर कंपनियां अपने उत्पादन का बड़ा हिस्सा वहीं भेज रही हैं। इससे स्मार्टफोन उद्योग के लिए उपलब्ध चिप्स की लागत बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।

क्या सभी मोबाइल महंगे होंगे?

विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत में केवल हाई-एंड और फ्लैगशिप स्मार्टफोन की कीमतों में अधिक वृद्धि देखने को मिल सकती है।

बजट स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां लागत कम रखने के लिए पुराने प्रोसेसर या कम AI फीचर्स वाले मॉडल लॉन्च कर सकती हैं। इससे कम कीमत वाले विकल्प कुछ समय तक उपलब्ध रह सकते हैं।

उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?

यदि आप अगले कुछ महीनों में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार पर नजर बनाए रखें। स्वतंत्र समीक्षा, फीचर्स और कीमतों की तुलना करने के बाद ही खरीदारी करें।

यदि आपके मौजूदा स्मार्टफोन की स्थिति अच्छी है, तो कुछ समय इंतजार करना भी एक विकल्प हो सकता है, क्योंकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने पर कंपनियां बेहतर ऑफर भी ला सकती हैं।

AI से भविष्य तो बदलेगा, लेकिन कीमत भी बढ़ेगी

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि AI भविष्य की सबसे बड़ी तकनीक बनने जा रही है। आने वाले वर्षों में लगभग हर स्मार्टफोन AI आधारित सुविधाओं से लैस होगा। इससे उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव मिलेगा, लेकिन शुरुआती दौर में इन तकनीकों की कीमत भी अधिक होगी।

दूसरी ओर, यदि सेमीकंडक्टर उद्योग उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सफल रहता है, तो भविष्य में लागत कम हो सकती है और AI स्मार्टफोन आम लोगों की पहुंच में भी आ सकते हैं।

फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि AI की इस नई दौड़ ने केवल टेक कंपनियों की रणनीति ही नहीं बदली है, बल्कि दुनिया भर के स्मार्टफोन बाजार को भी एक नए दौर में पहुंचा दिया है। आने वाले महीनों में लॉन्च होने वाले नए डिवाइस यह तय करेंगे कि AI तकनीक लोगों के लिए कितनी उपयोगी और कितनी महंगी साबित होती है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Rangin Duniyan