आज का पंचांग - 11 जून 2026 (गुरुवार)
11 जून 2026 पंचांग
11 जून 2026, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। यह दिन ज्ञान, धर्म, भाग्य, विवाह, संतान सुख और समृद्धि का प्रतीक है।
गुरुवार के दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक कार्य करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
पंचांग विवरण
दिन: गुरुवार
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: दशमी
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
सूर्य राशि: वृषभ
चंद्र राशि: मीन
सूर्योदय: प्रातः 05:24 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:36 बजे
तिथि
कृष्ण पक्ष दशमी तिथि
दशमी तिथि को धर्म, सदाचार, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। यह तिथि सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाली मानी जाती है।
नक्षत्र
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र को ज्ञान, धैर्य, आध्यात्मिकता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालीन लाभ देने वाले माने जाते हैं।
योग
शोभन योग
शोभन योग अत्यंत शुभ योगों में से एक माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता, सम्मान और शुभ फल प्राप्त होने की संभावना रहती है।
करण
वणिज करण
विष्टि (भद्रा) करण
भद्रा काल में मांगलिक कार्यों से बचना उचित माना जाता है, जबकि सामान्य कार्य किए जा सकते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
11:52 AM - 12:42 PM
विजय मुहूर्त
02:33 PM - 03:28 PM
अमृत काल
10:05 AM - 11:42 AM
गुरु पुष्य समान शुभ प्रभाव
धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अनुकूल समय
अशुभ समय
राहुकाल
01:30 PM - 03:00 PM
यमगण्ड काल
06:00 AM - 07:30 AM
गुलिक काल
09:00 AM - 10:30 AM
इन समयों में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
धार्मिक महत्व
गुरुवार को भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
पीले वस्त्र धारण करना और पीली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
केले के वृक्ष की पूजा करने से वैवाहिक और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है।
धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन और सत्संग में भाग लेने से मानसिक शांति मिलती है।
गुरुवार के उपाय
भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
"ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का जाप करें।
पीली दाल, हल्दी या केले का दान करें।
जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता करें।
गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करें।
आज का दिन ज्ञान, धैर्य, धार्मिक कार्यों और सही निर्णय लेने का संकेत देता है। भाग्य का सहयोग मिलने से रुके हुए कार्यों में प्रगति हो सकती है।

