आज का पंचांग 23 मई 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
आज का पंचांग - 23 मई 2026 (शनिवार)
23 मई 2026, शनिवार का दिन भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है। यह दिन कर्म, अनुशासन, धैर्य और न्याय का प्रतीक होता है।
शनिवार व्यक्ति को अपने कर्मों के प्रति जागरूक रहने और जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की प्रेरणा देता है।
आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। षष्ठी तिथि को साहस, स्वास्थ्य और संघर्षों पर विजय प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है।
पंचांग विवरण
दिन: शनिवार
मास: ज्येष्ठ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: षष्ठी
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
सूर्य राशि: वृषभ
सूर्योदय: सुबह लगभग 05:30 बजे
सूर्यास्त: शाम लगभग 07:27 बजे
नक्षत्र और चंद्र राशि
नक्षत्र: आश्लेषा
चंद्र राशि: कर्क
आश्लेषा नक्षत्र को गहरी सोच, रहस्य और मानसिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में व्यक्ति भावनात्मक रूप से अधिक संवेदनशील हो सकता है और अपने भीतर की भावनाओं को समझने की कोशिश करता है।
योग और करण
योग: व्याघात योग
करण: तैतिल, गर
व्याघात योग में धैर्य और सावधानी बनाए रखना जरूरी माना जाता है। जल्दबाजी और गुस्से से लिए गए फैसले परेशानी बढ़ा सकते हैं।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त:
11:50 AM - 12:39 PM
अमृत काल:
08:15 AM - 09:50 AM
इन समयों में पूजा-पाठ, दान और महत्वपूर्ण कार्य करना शुभ माना जाता है।
अशुभ समय
राहुकाल: 09:00 AM - 10:30 AM
गुलिक काल: 06:00 AM - 07:30 AM
यमगण्ड काल: 01:30 PM - 03:00 PM
इन समयों में नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचें।
धार्मिक महत्व
ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी का विशेष महत्व है
शनिवार को शनि देव की पूजा करने से जीवन की बाधाएं कम होती हैं
यह दिन कर्म सुधार और आत्मविश्लेषण के लिए अच्छा माना जाता है
दान-पुण्य और सेवा कार्य करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं
शनिवार के उपाय
आज के दिन ये उपाय करने से लाभ मिलेगा
शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें
"ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करें
काले तिल और उड़द दाल का दान करें
जरूरतमंद लोगों की सहायता करें
आज का दिन धैर्य, जिम्मेदारी और मानसिक संतुलन बनाए रखने का संकेत देता है। जल्दबाजी और क्रोध से बचना लाभकारी रहेगा।
23 मई 2026 का पंचांग आत्मविश्लेषण, कर्म और धैर्य का संदेश देता है। शनि देव की कृपा से यह दिन आपके लिए सकारात्मक और फलदायी रह सकता है।

