नई दिल्ली, 7 अप्रैल। उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के 39वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।
इस अवसर पर 32 लाख से अधिक छात्रों को डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समावेशी शिक्षा का मजबूत स्तंभ
राधाकृष्णन ने इग्नू की सराहना करते हुए उसकी भूमिका रेखांकित की और कहा कि यह देश की खुली व दूरस्थ शिक्षा प्रणाली का एक मजबूत स्तंभ है, जिसने उच्च शिक्षा को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि इग्नू में 14 लाख से अधिक छात्र हैं, जिनमें 56% महिलाएं और 58% ग्रामीण एवं वंचित वर्गों से हैं।
कई देशों की जनसंख्या से ज्यादा है इग्नू में अध्ययनरत छात्रों की संख्या
उप राष्ट्रपति ने कहा कि इग्नू में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या कई देशों की जनसंख्या से भी अधिक है, जो शिक्षा में समानता और सामाजिक विकास में इसकी बड़ी भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने छात्रों से आजीवन सीखते रहने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कोविड काल में मजबूत रहा इग्नू मॉडल
उल्लेखनीय है कि COVID-19 महामारी के दौरान इग्नू की दूरस्थ शिक्षा प्रणाली प्रभावी साबित हुई। विश्वविद्यालय ने 'स्वयं' और 'ई-ज्ञानकोष' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर शिक्षा को निर्बाध बनाए रखा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बना।
नई शिक्षा नीति से बढ़ी लचीलापन
उप राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत इग्नू द्वारा चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम और मल्टीपल एग्जिट ऑप्शन की शुरुआत की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे उच्च शिक्षा अधिक लचीली और छात्र-केंद्रित बनी है।
AI जैसे आधुनिक उपकरण अपनाने पर जोर
राधाकृष्ण ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक उपकरण शिक्षा को बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदारी के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आधुनिक विकास को भारतीय परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए और वैज्ञानिक प्रगति को नैतिक मूल्यों द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए।
डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, इग्नू पूर्व छात्र पोर्टल का शुभारंभ
उप राष्ट्रपति ने इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (NAD) के तहत डिजिलॉकर पर प्रमाण पत्र जारी किए और इग्नू पूर्व छात्र पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसमें 50 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। कार्यक्रम में दिल्ली के उप राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, इग्नू की कुलपति उमा कांजीलाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न राज्यों के राज्यपाल और अन्य नेता वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

