ग्लास्गो, 31 जुलाई। भारतीय जूडोकाओं ने यहां राष्ट्रमंडल खेलों के नौवें दिन ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण सहित तीन पदक जीते। इनमें अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में देश के लिए दिन का पहला स्वर्ण पदक जीता तो पुरुषों के 60 किलो भार वर्ग में हर्ष सिंह ने वाहवाही लूटी।
वहीं यामिनी मौर्य महिलाओं के 57 किलो भार वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
देखा जाए तो यह सफलता वैश्विक स्तर पर इस खेल में भारत के लगातार बढ़ते दबदबे का भी संकेत है। जूडो में मिले इन तीन पदकों के साथ ही भारतीय दल ने नौवें दिन की स्पर्धाएं जारी रहने के बीच कुल 20 पदक हासिल कर लिए थे, जिनमें पांच स्वर्ण, 11 रजत व चार कांस्य शामिल हैं।

अस्मिता व हर्ष ने रचा इतिहास
वस्तुतः अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में जूडो में भारत का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इसके तुरंत बाद हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतकर इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बनने का गौरव हासिल किया।
अस्मिता ने कनाडा की हेइडी क्वैच को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। रोमांचक मुकाबले में उन्होंने अंतिम क्षणों तक धैर्य बनाए रखा और शानदार रणनीति व मजबूत रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
वहीं 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले की शुरुआत में उन्हें कड़ी चुनौती मिली, लेकिन समय समाप्त होने से 41 सेकेंड पहले उन्होंने शानदार वाजा-अरी हासिल किया। इसके बाद उन्होंने मजबूत बचाव करते हुए बढ़त कायम रखी और यादगार जीत दर्ज की।
इसके बाद यामिनी मौर्य की बारी आई, जिन्होंने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में दूसरा स्थान पाया। फाइनल मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड की एसेलिया टोपराक के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा।

