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बरेली में बैंक सखियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई, डीएम को सौंपा ज्ञापन

बरेली में बैंक सखियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई, डीएम को सौंपा ज्ञापन

RNI News 1 week ago

रेली। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी बैंक सखियों ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी और सेवाओं को नियमित करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। बैंक सखियों ने वर्तमान में मिलने वाले 4 हजार रुपये मासिक मानदेय को बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने की मांग की है।

बैंक सखियों का कहना है कि वे पिछले करीब पांच वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय उनके काम और खर्च के अनुपात में पर्याप्त नहीं है।

ग्रामीणों तक पहुंचा रहीं बैंकिंग सुविधाएं

बैंक सखियों के मुताबिक वे गांवों में बैंक खाते खुलवाने से लेकर आधार ई-केवाईसी, धनराशि जमा और निकासी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। इसके अलावा ग्रामीणों को बैंकिंग प्रक्रियाओं और वित्तीय लेनदेन के प्रति जागरूक करने का काम भी किया जाता है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में उनकी भूमिका अहम रही है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें बैंक शाखाओं तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

यात्रा और डिजिटल सेवाओं का खर्च भी खुद उठाने का दावा

बैंक सखियों ने बताया कि काम के दौरान उन्हें कई तरह के अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आने-जाने के अलावा मोबाइल और इंटरनेट जैसी सुविधाओं का खर्च भी उन्हें स्वयं वहन करना पड़ता है। उनका कहना है कि मौजूदा मानदेय में इन खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। इसलिए सरकार को उनके मानदेय पर पुनर्विचार करना चाहिए।

सेवाओं को स्थायी और नियमित करने की मांग

ज्ञापन में बैंक सखियों ने केवल मानदेय बढ़ाने की ही मांग नहीं की, बल्कि अपनी सेवाओं को स्थायी और नियमित करने का भी अनुरोध किया है। उन्होंने भविष्य में समय-समय पर मानदेय में उचित वृद्धि की व्यवस्था किए जाने की मांग रखी। बैंक सखियों ने जिलाधिकारी से अपील की कि उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन शासन स्तर तक भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाए।

शासन से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद

बैंक सखियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में वे लगातार काम कर रही हैं। ऐसे में उनकी आर्थिक और सेवा संबंधी समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अब बैंक सखियों की नजर शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई पर है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: RNI News