मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के हांडीकुंड क्षेत्र में उफनती सुक्ता (आवना) नदी के बीच टापू पर फंसे चार युवकों को मध्यप्रदेश राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (SDERF) ने करीब साढ़े 10 घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
यह अभियान जिले के सबसे कठिन जल-रेस्क्यू अभियानों में से एक माना जा रहा है।
अचानक बढ़े जलस्तर से टापू पर फंसे युवक
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से चार युवक बीच में बने टापू पर फंस गए। तेज बहाव के कारण उनका बाहर निकलना संभव नहीं था। सूचना मिलते ही पुलिस और SDERF की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत अभियान शुरू किया गया।
तेज बहाव के कारण शुरुआती प्रयास रहे चुनौतीपूर्ण
जिला कमांडेंट आशीष कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में SDERF खंडवा और कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल की टीम ने मोटरबोट और सुरक्षा रस्सियों की मदद से युवकों तक पहुंचने का प्रयास किया। हालांकि नदी के तेज बहाव के कारण शुरुआती कोशिशें बेहद जोखिमपूर्ण साबित हुईं, जिसके चलते टीम ने सुरक्षित रणनीति अपनाई।
ड्रोन से पहुंचाई गई लाइफ जैकेट, भोजन और पेयजल
रेस्क्यू अभियान के दौरान ड्रोन तकनीक का प्रभावी उपयोग किया गया। फंसे हुए युवकों तक ड्रोन के माध्यम से लाइफ जैकेट, भोजन और पेयजल पहुंचाया गया। साथ ही मोबाइल फोन के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखकर उनका मनोबल भी बढ़ाया गया। आवश्यकता पड़ने पर SDERF इंदौर, NDRF उज्जैन और हेलीकॉप्टर सहायता की भी तैयारी रखी गई।
जलस्तर घटते ही शुरू हुआ अंतिम अभियान
रातभर निगरानी के बाद जैसे ही नदी के जलस्तर में कमी आई, SDERF खंडवा और इंदौर की संयुक्त टीम ने अंतिम रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मोटरबोट को रस्सियों की सहायता से टापू तक पहुंचाया गया और सभी चार युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पूरी रात मौके पर डटा रहा प्रशासन
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे। राहत कार्य की निगरानी के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखा गया, ताकि अभियान बिना किसी बाधा के पूरा हो सके। साथ ही संबंधित जलाशय से अतिरिक्त पानी नहीं छोड़े जाने के लिए भी आवश्यक समन्वय किया गया।
बचाए गए सभी युवक सुरक्षित
रेस्क्यू टीम ने हुजेफा हामिद, मयंक उर्फ गोपाल, अली अजगर और आयुष को सुरक्षित बाहर निकालकर राहत पहुंचाई। चारों युवक खंडवा जिले के निवासी हैं और उन्हें सकुशल बचा लिया गया।
साहस और टीमवर्क की मिसाल बना अभियान
रेस्क्यू अभियान के दौरान NDRF की टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी थी, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही SDERF खंडवा और इंदौर की संयुक्त टीम ने मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस साहसिक अभियान की विभिन्न एजेंसियों ने सराहना की है। प्रशासन ने अभियान में शामिल अधिकारियों और जवानों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
रिपोर्ट – नितिन झवर

