मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता और विधानपरिषद के पूर्व उपसभापति वसंत शंकर डावखरे मानहानि मामले में गुरुवार को कल्याण जिला न्यायालय ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को समन जारी किया है।
कल्याण जिला न्यायालय ने 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान कथित रूप से संपादित वीडियो दिखाने से जुड़े मानहानि मामले में उद्धव ठाकरे को 5 अगस्त और एकनाथ शिंदे को 6 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि यह मामला 2009 के कल्याण लोकसभा चुनाव का है, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार वसंत डावखरे और शिवसेना के उम्मीदवार आनंद परांजपे के बीच चुनावी विवाद सामने आया था। आरोप है कि 22 अप्रैल 2009 को डोंबिवली में आयोजित एक चुनावी सभा में उद्धव ठाकरे ने एक वीडियो दिखाया था, जिसमें वसंत डावखरे अपने कार्यकर्ताओं से चुनाव जीतने के लिए पुलिस और चुनाव अधिकारियों से न डरने की अपील करते हुए दिखाई दे रहे थे। उस समय उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना अलग नहीं हुई थी और शिंदे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ थे।
वसंत डावखरे ने इस वीडियो को भ्रामक बताते हुए दावा किया था कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से वीडियो में एडिटिंग की गई थी। इसके बाद उन्होंने कल्याण जिला न्यायालय में उद्धव ठाकरे, एकनाथ शिंदे, आनंद परांजपे और रमाकांत देवलेकर के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था। वहीं शिवसेना ने वीडियो को असली बताते हुए इसकी शिकायत चुनाव अधिकारियों से की थी। अब इसी मामले की सुनवाई के दौरान कल्याण न्यायालय ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे को तलब किया है।

