मुज़फ्फरनगर। सावन की पावन कांवड़ यात्रा के बीच मंगलवार देर रात मुज़फ्फरनगर के ऐतिहासिक शिव चौक पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम लोगों को भी भावुक कर दिया।
कंधे पर भगवान शिव का पवित्र गंगाजल और साथ में अपने दिवंगत भाई तरुण खटीक की प्रतिमा लेकर पहुंचे अरुण खटीक की अनोखी कांवड़ यात्रा पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि न्याय की मांग का प्रतीक बनकर सामने आई।

भाई की याद को बनाया संघर्ष की ताकत
अरुण खटीक ने बताया कि कुछ महीने पहले दिल्ली के उत्तम नगर में उनके भाई तरुण खटीक की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। उनका कहना है कि न्याय की उम्मीद में कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक ऐसी कार्रवाई नहीं हुई जिससे परिवार को संतोष मिल सके। इसी पीड़ा और उम्मीद को लेकर उन्होंने हरिद्वार से भगवान शिव का पवित्र गंगाजल उठाया और अपने भाई की प्रतिमा के साथ कांवड़ यात्रा शुरू की, ताकि उनकी आवाज सरकार और प्रशासन तक पहुंच सके।
आस्था और न्याय को जोड़ा एक ही यात्रा में
अरुण खटीक का कहना है कि यह कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा का प्रतीक है, लेकिन इसके साथ ही यह उनके भाई के लिए न्याय की मांग का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों को कानून के मुताबिक सजा नहीं मिलेगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उनका कहना था कि यह यात्रा किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि न्याय की उम्मीद को जीवित रखने के लिए निकाली गई है।
शिव चौक पर जुटे सैकड़ों युवा, उठी न्याय की मांग
मंगलवार देर जैसे ही यह अनोखी कांवड़ मुज़फ्फरनगर के शिव चौक पहुंची, वहां मौजूद श्रद्धालुओं और राहगीरों की भीड़ रुक गई। खटीक समाज के सैकड़ों युवा अरुण खटीक के साथ यात्रा में शामिल रहे। पूरे शिव चौक पर "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ तरुण खटीक को न्याय दिलाने की मांग भी बुलंद होती रही। समाज के लोगों ने कहा कि परिवार को निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रतिमा के साथ निकली कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र
कांवड़ यात्रा में भाई की प्रतिमा को साथ लेकर चलने का दृश्य हर किसी को भावुक कर रहा था। राहगीर रुककर यात्रा को देखते रहे, कई लोगों ने तस्वीरें और वीडियो भी बनाए। श्रद्धालुओं ने इसे आस्था और भाई के प्रति प्रेम का अनोखा उदाहरण बताया। पूरे मार्ग में यह कांवड़ यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। कई श्रद्धालुओं ने अरुण खटीक से बातचीत कर उनके संघर्ष और यात्रा के उद्देश्य की जानकारी भी ली।
"जब तक न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा"
अरुण खटीक ने कहा कि उनका परिवार केवल निष्पक्ष न्याय चाहता है। उनका कहना है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है तो परिवार को विश्वास मिलेगा कि कानून पर भरोसा करना व्यर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह कांवड़ यात्रा भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ अपने भाई की याद, न्याय की उम्मीद और समाज तक अपनी पीड़ा पहुंचाने का माध्यम है। इसी संकल्प के साथ वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।

