गाज़ियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित गौर रेवेन्यू सोसायटी में हुए हालिया अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में गुरुवार को डीएम कार्यालय में आपदा प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें 17 विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में की। इसमें पुलिस विभाग, बिजली विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना बताया गया।
बैठक में विशेष रूप से शहर के हाईराइज क्षेत्रों राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि कई क्षेत्रों में स्थानीय फायर स्टेशन न होने के कारण आपात स्थिति में कोतवाली क्षेत्र से फायर ब्रिगेड भेजनी पड़ती है, जिससे प्रतिक्रिया में देरी होती है।
जिले में वर्तमान में पांच फायर स्टेशन संचालित हैं, जबकि बैठक में दो नए फायर स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके लिए जीडीए को जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान दो प्रमुख चुनौतियां सामने आईं, जिनमें हाईराइज इमारतों में सुरक्षा मानकों की कमी और स्लम क्षेत्रों में आग की घटनाएं शामिल रहीं। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई बिल्डर नक्शा पास कराने के बाद नियमों की अनदेखी करते हैं और पार्किंग एरिया तथा सरफेस पार्किंग को अवैध रूप से बेच देते हैं।
प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि अवैध पार्किंग के कारण आपातकालीन वाहनों को इमारतों के भीतर पहुंचने में कठिनाई होती है, जिससे हादसे के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है।
जिलाधिकारी ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए जीडीए सचिव को सभी बिल्डरों की जांच कराने और सख्त सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अवैध रूप से बेची गई पार्किंग को निरस्त करने की कार्रवाई भी तय की गई है।
गौर रेवेन्यू सोसायटी अग्निकांड की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें जीडीए सचिव, एडीएम वित्त एवं राजस्व, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और सहायक निदेशक शामिल हैं। यह टीम तीन दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और सुझाव प्रस्तुत करेगी।
डीएम ने कहा कि जिले में फायर सेफ्टी उपकरण पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं, लेकिन उनकी सही उपयोगिता और विभागीय समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने बिजली विभाग को भी गर्मियों में बढ़ते लोड को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मई और जून माह में अधिक लोड वाले क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधार कार्य करने को कहा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

