गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना नंदग्राम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर सिटी-2 सोसाइटी में रविवार शाम एक महिला मनोचिकित्सक (साइकेट्रिस्ट) ने संदिग्ध परिस्थितियों में इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी।
इस दर्दनाक घटना के बाद से सोसाइटी और चिकित्सा जगत में भारी हड़कंप मचा हुआ है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका की हुई पहचान, बस स्टैंड के पास था क्लिनिक
पुलिस के मुताबिक, मृतका की पहचान डॉ. हमीका अग्रवाल (उम्र करीब 40 वर्ष) के रूप में हुई है। डॉ. हमीका पेशे से मनोचिकित्सक थीं और लोगों की काउंसलिंग किया करती थीं। उनका गाजियाबाद बस स्टैंड के पास अपना क्लिनिक था। वह राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी-2 सोसाइटी के फ्लैट में अकेले रहती थीं, जबकि उनके पिता एवं शहर के जाने-माने वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. आर. चंद्रा इसी इलाके की एक अन्य सोसाइटी में रहते हैं।
पिता ने बताया- डेढ़ साल पहले हुआ था तलाक, चल रहा था डिप्रेशन का इलाज
मृतका के पिता डॉ. आर. चंद्रा ने मीडिया और पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले डॉ. हमीका का उनके पति से कानूनी रूप से तलाक हो गया था। इस रिश्ते के टूटने के बाद से ही वह गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में रहने लगी थीं, और उनका इलाज भी चल रहा था।
रविवार शाम को उन्होंने अचानक सोसाइटी की इमारत से नीचे छलांग लगा दी। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद एक स्थानीय युवक ने अपनी कार से उन्हें गंभीर हालत में यशोदा अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का बयान
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि डॉ. हमीका अपने फ्लैट में अकेली रहती थीं और उनके माता-पिता अलग निवास करते हैं। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और परिजनों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
फिलहाल घटनास्थल से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है, जिसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

