नोएडा। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी किए जाने के मामले में नोएडा के थाना एक्सप्रेसवे में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल की गई भाषा न केवल संवैधानिक पद की गरिमा के विपरीत है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती है।
मामले की शिकायत गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी एवं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह, जिन्हें शिकायत में नोएडा सेक्टर-168 स्थित लोटस जिंग सोसाइटी का निवासी बताया गया है, ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया।
शिकायत के आधार पर थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्मृति सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को विरोध और प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर किसी भी संवैधानिक पद के प्रति अशोभनीय भाषा का प्रयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होते हैं और उस पद की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने आंदोलन की आड़ में माहौल खराब करने और समाज में गलत संदेश देने का प्रयास किया।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और विदेशों में रहने वाले लोग भी करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंचों पर अभद्र भाषा का प्रयोग देश की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्मृति सिंह ने आरोपी महिला की शीघ्र गिरफ्तारी की भी मांग की है। उनके अनुसार पुलिस ने उन्हें एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी है और आरोपी की तलाश जारी है। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिस को जानकारी मिली है कि रुचिका सिंह मूल रूप से फरीदाबाद की रहने वाली है और एक सैलून में कार्यरत है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर जांच कर रही है।
पुलिस का पक्ष:
नोएडा पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

