Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
खतौली में 50 साल पुराने पिलखन के पेड़ की भारी डाल टूटकर गिरी, बाइक मिस्त्री घायल

खतौली में 50 साल पुराने पिलखन के पेड़ की भारी डाल टूटकर गिरी, बाइक मिस्त्री घायल

मुजफ्फरनगर। खतौली नगर स्थित ईदगाह रोड पर गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 50 वर्ष पुराने पिलखन के विशाल पेड़ की भारी-भरकम डाल अचानक टूटकर नीचे गिर गई। हादसे में पेड़ की छांव में बैठकर बाइक की मरम्मत कर रहा एक बाइक मिस्त्री घायल हो गया, जबकि पास में खड़ी एक बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई।

गनीमत रही कि घटना के समय सड़क पर अधिक भीड़ नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

मरम्मत का काम करते समय अचानक टूटी विशाल डाल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार दोपहर कई बाइक मिस्त्री पेड़ की छांव में बैठकर अपने कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ पिलखन के पेड़ की भारी शाखा टूटकर नीचे आ गिरी। डाल की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया, जबकि पास में खड़ी एक मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

घटना के बाद मची अफरा-तफरी, लोगों ने पहुंचाई मदद

हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था कराई। घटना के बाद कुछ देर तक पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लोगों का कहना था कि यदि उसी समय वहां राहगीरों या वाहनों की अधिक आवाजाही होती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

वन विभाग और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी प्रवेश कुमार तथा बिजली विभाग के तकनीशियन कमल सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले क्षेत्र की घेराबंदी कराई गई और फिर पेड़ की टूटी हुई विशाल शाखा को काटकर हटाने का कार्य शुरू कराया गया।

टूटी शाखा हटने के बाद सामान्य हुआ यातायात

टूटी डाल सड़क और आसपास के हिस्से में फैल जाने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। वन विभाग की टीम ने मशीनों और कर्मचारियों की मदद से शाखा को हटवाया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा सामान्य कराया गया।

पुराने पेड़ों की सुरक्षा जांच की उठी मांग

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की कि नगर क्षेत्र में वर्षों पुराने पेड़ों का समय-समय पर निरीक्षण कराया जाए और जिन पेड़ों की शाखाएं सूख चुकी हैं या कमजोर हो गई हैं, उनकी समय रहते छंटाई कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

बाल-बाल बची कई जिंदगियां

स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के वक्त आसपास कई लोग मौजूद थे। यदि शाखा कुछ सेकंड पहले या बाद में गिरती, तो कई लोग उसकी चपेट में आ सकते थे। इस घटना ने एक बार फिर पुराने और जर्जर पेड़ों की नियमित देखरेख की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Royal Bulletin