नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए महज 15 मिनट के भीतर दो स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए। जूडो प्रतियोगिता में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
शुक्रवार रात पहले अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को रोमांचक मुकाबले में 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके करीब 15 मिनट बाद हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को 10-0 से मात देकर भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया।
अस्मिता डे के मुकाबले की शुरुआत आसान नहीं रही। शुरुआती दौर में उन्होंने एक अंक गंवा दिया और उन्हें एक पेनल्टी भी मिली, जिससे कनाडाई खिलाड़ी ने बढ़त बना ली। लेकिन अस्मिता ने शानदार वापसी करते हुए आक्रामक खेल दिखाया और स्कोर बराबर कर दिया। निर्णायक क्षणों में उन्होंने बेहतरीन दांव लगाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया और भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया।
वहीं, 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में शानदार संयम और तकनीक का प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज ने शुरुआत में आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन हर्ष ने मजबूत बचाव करते हुए उन्हें कोई बढ़त नहीं लेने दी। मुकाबले के अंतिम मिनट में हर्ष ने निर्णायक वाज़ा-अरी दांव लगाकर 10-0 की बढ़त बनाई और अंत तक उसे बरकरार रखते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
इन दो स्वर्ण पदकों के साथ भारत का प्रदर्शन और मजबूत हो गया है। अब तक भारतीय दल 5 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 19 पदक जीत चुका है और पदक तालिका में शीर्ष दस देशों के बीच अपनी स्थिति मजबूत कर चुका है।
भारत की पदक संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद भी बनी हुई है, क्योंकि भारतीय जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य भी महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उतरने वाली हैं।

