मुजफ्फरनगर। जिले में गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था की पूरी पोल खोल दी। हल्की मौसमीय उथल-पुथल के बाद ही जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अंधेरा छा गया।
सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला, जहां कई जगहों पर 6 से 8 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। नंगला और सिखेड़ा बिजलीघरों से जुड़े करीब 17 गांवों के हजारों उपभोक्ता पूरी रात बिजली संकट से जूझते रहे। कुछ स्थानों पर इससे भी अधिक समय तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
बारिश के बाद उमस और मच्छरों के प्रकोप ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। बच्चों और बुजुर्गों को रातभर बिना बिजली के कठिनाई का सामना करना पड़ा, वहीं कई परिवार पूरी रात जागने को मजबूर रहे।
जिले के कई प्रमुख फीडर भी प्रभावित हुए, जिनमें 33 केवी नरा, शामली रोड, गांधी कॉलोनी, पचेंडा रोड, सुरेंद्र नगर, मिमलाना रोड, रोहाना, सुजड़ू और संधावली जैसे क्षेत्र शामिल रहे। इसके अलावा जौली रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र और 132 केवी से जुड़े कई फैक्ट्रियों वाले इलाके भी प्रभावित हुए।
शहर के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति अपेक्षाकृत जल्दी बहाल कर दी गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हालात लंबे समय तक खराब बने रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से न तो समय पर जानकारी दी गई और न ही सुधार कार्य की स्पष्ट स्थिति बताई गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और आपातकालीन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जरा सी आंधी में बड़े पैमाने पर बिजली व्यवस्था का ठप हो जाना सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है। फिलहाल विभाग द्वारा आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

