मुज़फ्फरनगर। ककरौली थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 75 वर्षीय बुजुर्ग इस्माइल खुद को जिंदा साबित करने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
हाथ में दस्तावेज लेकर एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रहे इस्माइल का आरोप है कि संपत्ति विवाद के चलते पुलिस की जांच रिपोर्ट में उन्हें "मृत" घोषित कर दिया गया।
पूरा मामला गांव कम्हेड़ा का है, जहां इस्माइल का अपने बड़े बेटे आबिद से मकान के कथित फर्जी बैनामे को लेकर विवाद चल रहा है। यह विवाद बढ़ते-बढ़ते पुलिस तक पहुंचा, लेकिन जांच रिपोर्ट में सामने आई गंभीर गलती ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुजुर्ग के अनुसार, थाना प्रभारी द्वारा उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में उन्हें मृत दिखाया गया है। हैरानी की बात यह है कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि थाना प्रभारी ने स्वयं मौके पर जाकर जांच की थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जिंदा व्यक्ति मौजूद था, तो उसे मृत कैसे दर्ज कर दिया गया।
इस्माइल ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत के साथ उस जांच रिपोर्ट की प्रति भी सौंपी है, जिसमें उनका नाम मृत व्यक्तियों की सूची में दर्ज है। उनका आरोप है कि यह सब उनके बेटे की साजिश है, जिसने पुलिस से मिलीभगत कर संपत्ति पर कब्जा करने के लिए यह गलत रिपोर्ट तैयार कराई।
इस घटना के बाद बुजुर्ग मानसिक रूप से बेहद परेशान है और उसने कहा है कि अब उसे अपने ही घर लौटने में डर लग रहा है। उसने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई है। एक जिंदा व्यक्ति को आधिकारिक रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया जाना पुलिस जांच प्रक्रिया और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

