मुजफ्फरनगर। जिले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की जिला इकाई ने मजदूरों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। यह कदम नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की गिरफ्तारी के विरोध में उठाया गया।
जिला सचिव शाहनवाज खान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि मजदूर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन पर मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। पार्टी ने इसे मजदूरों की आवाज दबाने की कोशिश बताया और सभी गिरफ्तार मजदूरों की बिना शर्त रिहाई की मांग की।
ज्ञापन में मजदूरों पर लगाए गए एनएसए और अन्य मामलों को वापस लेने की भी मांग की गई। पार्टी ने कहा कि श्रमिक वर्ग को सम्मानजनक जीवन देने के लिए न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही प्रमुख मांगों में कार्य अवधि को 8 घंटे निर्धारित करने और न्यूनतम दैनिक मजदूरी 1000 रुपये तय करने की बात कही गई। पार्टी नेताओं ने श्रम कानूनों में बदलाव को मजदूर विरोधी बताते हुए चारों लेबर कोड को तत्काल रद्द करने की मांग भी उठाई।
पार्टी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा पर भी जोर दिया और कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार होना चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अपील की गई कि केंद्र और राज्य सरकारों को मजदूरों की समस्याओं से अवगत कराते हुए उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे और मजदूर हितों की रक्षा के समर्थन में नारेबाजी की।

